देश के कई हिस्सों में LPG उपभोक्ता इन दिनों एक नई परेशानी का सामना कर रहे हैं. गैस सिलेंडर बुक करने के बाद DAC (Delivery Authentication Code) समय पर नहीं मिल रहा, जिससे डिलीवरी में देरी हो रही है.
इसी बीच मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और हॉर्मुज रूट बंद होने के चलते LPG की सप्लाई पर असर पड़ा है. लेकिन सरकार का कहना है कि गैस की किल्लत नहीं है. फिर अचानक गैस सिलेंडर की बुकिंग बढ़ गई है.
हालांकि सरकार और गैस कंपनियों ने साफ किया है कि फिलहाल देश में LPG की सप्लाई सामान्य है, लेकिन सर्वर पर भारी ट्रैफिक और बुकिंग बैकलॉग के कारण तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं.
क्यों नहीं मिल रहा DAC नंबर?
LPG सिलेंडर डिलीवरी के लिए अब DAC नंबर अनिवार्य कर दिया गया है. यह एक तरह का OTP होता है जो ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है.
लेकिन मौजूदा समय में कई ग्राहकों को यह नंबर तुरंत नहीं मिल रहा.
गैस कंपनियों के अनुसार इसके पीछे मुख्य कारण हैं:
- बुकिंग सर्वर पर भारी ट्रैफिक
- अचानक बढ़ी गैस बुकिंग
- सिस्टम में बैकलॉग
इसी वजह से कई मामलों में DAC और इनवॉइस आने में 3-4 दिन तक का समय लग रहा है.
सरकार ने क्यों की 'पैनिक बुकिंग' से बचने की अपील?
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण ऊर्जा बाजार को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ी है. भारत अपनी LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए ऐसी खबरों के बाद अक्सर लोग एहतियात के तौर पर गैस सिलेंडर जल्दी बुक करने लगते हैं.
इसी स्थिति को देखते हुए सरकार और तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि:
- पैनिक बुकिंग न करें
- जरूरत के हिसाब से ही गैस बुक करें
- अफवाहों पर ध्यान न दें
सरकार का कहना है कि फिलहाल गैस की सप्लाई पर कोई संकट नहीं है.
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25 दिन वाला नियम क्या है?
हाल ही में LPG सिलेंडर बुकिंग से जुड़ा एक महत्वपूर्ण नियम भी लागू किया गया है.
नए नियम के अनुसार:
पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही नया गैस सिलेंडर बुक किया जा सकता है.
इस नियम का उद्देश्य है:
- अनावश्यक बुकिंग को रोकना
- गैस की उपलब्धता को संतुलित रखना
- पैनिक बुकिंग पर नियंत्रण
यानी अगर किसी ग्राहक ने हाल ही में गैस सिलेंडर लिया है तो उसे 25 दिन पूरे होने के बाद ही नई बुकिंग करनी होगी.
गैस बुकिंग का सही समय क्या है?
गैस कंपनियों के मुताबिक बुकिंग सर्वर पर सबसे ज्यादा ट्रैफिक आमतौर पर:
- सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच रहता है.
इसलिए ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे:
- शाम 6 बजे के बाद या देर रात गैस बुक करें, ताकि सिस्टम पर लोड कम रहे और बुकिंग आसानी से हो सके.
DAC के बिना क्यों नहीं मिलेगा गैस सिलेंडर?
DAC सिस्टम को इसलिए लागू किया गया था ताकि गैस डिलीवरी में पारदर्शिता बनी रहे.
इसके जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि:
- सिलेंडर सही ग्राहक को मिले
- फर्जी डिलीवरी न हो
- सब्सिडी का गलत इस्तेमाल न हो
इसी वजह से अब DAC के बिना गैस सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की जाती.
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ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
अगर गैस बुकिंग के बाद DAC नहीं आया है तो घबराने की जरूरत नहीं है.
ग्राहक ये कदम उठा सकते हैं:
- बुकिंग स्टेटस चेक करें
- कुछ समय इंतजार करें
- गैस एजेंसी से संपर्क करें
- बार-बार बुकिंग करने से बचें
अक्सर DAC डिलीवरी से पहले या इनवॉइस बनने के बाद भेजा जाता है.
आपके काम की बात
मिडिल ईस्ट संकट की खबरों के बीच देश में LPG को लेकर चिंता जरूर बढ़ी है, लेकिन फिलहाल गैस सप्लाई सामान्य बताई जा रही है.
DAC नंबर में देरी मुख्य रूप से तकनीकी कारणों और अचानक बढ़ी बुकिंग की वजह से हो रही है.
सरकार और गैस कंपनियों का कहना है कि उपभोक्ता पैनिक बुकिंग से बचें और जरूरत के अनुसार ही गैस सिलेंडर बुक करें.
FAQs
Q. DAC नंबर क्या होता है?
A. DAC गैस सिलेंडर डिलीवरी के लिए भेजा जाने वाला OTP होता है.
Q. DAC आने में देरी क्यों हो रही है?
A. भारी सर्वर ट्रैफिक और बुकिंग बैकलॉग इसकी मुख्य वजह है.
Q. क्या देश में LPG की कमी हो गई है?
A. सरकार के अनुसार फिलहाल गैस सप्लाई सामान्य है.
Q. 25 दिन वाला नियम क्या है?
A. नई गैस बुकिंग पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही की जा सकती है.
Q. DAC के बिना गैस सिलेंडर मिलेगा?
A. नहीं, DAC नंबर के बिना डिलीवरी नहीं होगी.

