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Personal Loan लेकर फंस गए? 'कूलिंग-ऑफ पीरियड' में कर सकते हैं कैंसिल, गिने-चुने लोगों को है पता

Personal Loan लेकर फंस गए? 'कूलिंग-ऑफ पीरियड' में कर सकते हैं कैंसिल, गिने-चुने लोगों को है पता

Zee Business Hindi 3 months ago

ई बार हम जल्दबाजी में या किसी इमरजेंसी के लिए पर्सनल लोन (Personal Loan) ले लेते हैं. लेकिन क्या हो अगर लोन का पैसा बैंक खाते में आने के बाद आपको पता चले कि अब उस पैसे की जरूरत नहीं है?

या जिस काम के लिए लोन लिया था, वो काम ही टल गया हो? ऐसे में घबराने की ज़रूरत नहीं है. बैंकिंग की दुनिया में एक नियम होता है जिसे 'कूलिंग-ऑफ पीरियड' (Cooling-off Period) या 'लुक-अप पीरियड' कहते हैं.

यह एक ऐसा समय है जिसमें आप अपना लोन वापस कर सकते हैं और उसे कैंसिल करवा सकते हैं. आसान भाषा में कहें तो, यह सामान खरीदने के बाद उसे 'रिटर्न' करने जैसा है. हालांकि, बैंक इसके लिए कुछ नियम और शर्तें रखते हैं.

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क्या है कूलिंग-ऑफ पीरियड?

यह वो समय सीमा है (आमतौर पर 3 से 15 दिन) जिसके भीतर आप बैंक को बता सकते हैं कि आपको लोन नहीं चाहिए. अगर आप इस दौरान लोन कैंसिल करते हैं, तो बैंक आपसे बहुत कम या जीरो कैंसिलेशन चार्ज लेता है. आइए जानते हैं प्रमुख बैंकों और कंपनियों के नियम क्या कहते हैं.

लोन कैंसिल करते समय इन बातों का रखें ध्यान

प्रोसेसिंग फीस डूब जाएगी: लगभग सभी बैंक लोन कैंसिल करने पर 'प्रोसेसिंग फीस' वापस नहीं करते. यह पैसा आपके लोन अमाउंट से पहले ही कट जाता है.

ब्याज का मीटर: कुछ बैंक आपसे उतने दिनों का ब्याज वसूलेंगे जितने दिन वो पैसा आपके पास रहा.

सरकारी खर्चे: स्टाम्प ड्यूटी और GST जैसे सरकारी टैक्स भी वापस नहीं मिलते.

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अगर लोन कैंसिल करना है तो क्या करें?

सबसे पहले समय चेक करें: देखें कि क्या आप अभी भी कूलिंग-ऑफ पीरियड के दायरे में हैं.

बैंक से बात करें: अगर समय सीमा बीत गई है और चार्ज बहुत ज्यादा है, तो बैंक से चार्ज कम करने की रिक्वेस्ट करें.

फॉर्म भरें: बैंक जाकर 'लोन कैंसिलेशन रिक्वेस्ट फॉर्म' भरें और बकाया पैसा चेक, फंड ट्रांसफर या कैश के जरिए जमा करें.

रसीद लें: पैसा जमा करने के बाद बैंक से कन्फर्मेशन लेटर या रसीद ज़रूर लें कि आपका लोन अकाउंट बंद हो जाएगा.

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Conclusion

पर्सनल लोन लेना जितना आसान है, उसे कैंसिल करना उतना ही पेचीदा हो सकता है. इसलिए लोन के एग्रीमेंट पर साइन करने से पहले ही 'कूलिंग-ऑफ पीरियड' के बारे में पूछ लेना समझदारी है. अगर आपकी जरूरत खत्म हो गई है, तो जितनी जल्दी हो सके बैंक को सूचित करें ताकि आप भारी जुर्माने से बच सकें. एक छोटी सी सावधानी आपके हजारों रुपये बचा सकती है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q-1. क्या पर्सनल लोन को कभी भी कैंसिल किया जा सकता है?

A- हां, लेकिन कूलिंग-ऑफ पीरियड (3-15 दिन) के बाद कैंसिल करने पर आपको भारी जुर्माना देना पड़ सकता है.

Q-2. क्या लोन कैंसिल करने पर प्रोसेसिंग फीस वापस मिलती है?

A- नहीं, ज्यादातर बैंक और कंपनियां कैंसिलेशन के मामले में प्रोसेसिंग फीस वापस नहीं करती हैं.

Q-3. कूलिंग-ऑफ पीरियड का सबसे बड़ा फायदा क्या है?

A- इसका फायदा यह है कि आप बिना किसी बड़ी पेनल्टी के अपना लोन बंद करवा सकते हैं.

Q-4. क्या ऑनलाइन लोन को कैंसिल करना आसान है?

A- मनीव्यू (Moneyview) या हीरो फिनकॉर्प (Hero Fincorp) जैसे ऐप पर आप डिजिटल तरीके से भी कैंसिलेशन की रिक्वेस्ट डाल सकते हैं.

Q-5. अगर पहली EMI कट जाए तो क्या लोन कैंसिल हो सकता है?

A- पहली EMI कटने के बाद इसे 'कैंसिलेशन' नहीं बल्कि 'प्री-पेमेंट' माना जाता है, जिसके चार्जेस अलग होते हैं.

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