Stock Market Highlights: आज हफ्ते का पहला और जून महीने का भी पहला कारोबारी सत्र है. महीने की कमजोर शुरुआत हुई है और निफ्टी 165 अंक टूटकर 23382 पर बंद हुआ जबकि सेंसेक्स 508 अंक टूटकर 74267 पर बंद हुआ.
सेंसेक्स के टॉप-30 में 24 शेयर लाल निशान में और केवल 6 शेयर हरे निशान में बंद हुए हैं. बाजार में गिरावट रही लेकिन आईटी इंडेक्स ने कमाल कर दिया.
NIFTY IT इंडेक्स में सबसे अधिक 2.66% की मजबूती दर्ज की गई. इसके अलावा मीडिया, मेटल इंडेक्स भी हरे निशान में बंद हुए हैं. दूसरी तरफ ऑटो, FMCG सबसे टॉप लूजर्स रहे. टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, कोल इंडिया, JSW स्टील और TCS निफ्टी के टॉप गेनर्स में रहे जबकि हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा कंज्यूमर, ITC, श्रीराम फाइनेंस और महिंद्रा एंड महिंद्रा निफ्टी के टॉप लूजर्स रहे.
आज सुबह कैसा खुला था बाजार?
शेयर बाजार की शुरुआत आज काफी मजबूत रही. बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर से 427 अंक की बढ़त के साथ 75,203.02 पर खुला. वहीं निफ्टी 50 भी 106.75 अंक चढ़कर 23,654.50 के स्तर पर खुला. बैंकिंग शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली और बैंक निफ्टी करीब 165 अंक की बढ़त के साथ 54,403.85 पर कारोबार की शुरुआत करने में सफल रहा.
हालांकि यह तेजी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी और दोपहर 2 बजे तक बाजार का रुख पूरी तरह बदल गया. निफ्टी करीब 120 अंक टूट गया, जबकि सेंसेक्स में करीब 350 अंकों की गिरावट देखने को मिली. बैंक निफ्टी भी करीब 650 अंक फिसल गया. वहीं मिडकैप इंडेक्स में करीब 750 अंकों की कमजोरी दर्ज की गई और निफ्टी FMCG में करीब 900 अंकों की बड़ी गिरावट देखने को मिली, जिससे बाजार पर दबाव साफ नजर आया.
बाजार में क्यों आई गिरावट?
मार्केट गुरु अनिल सिंघवी ने कहा कि बाजार के आखिरी घंटे में जो गिरावट है वो आज की नहीं है. शुक्रवार को जो गिरावट आई थी वो अभी भी हावी है, खासतौर से विदेशी निवेशकों की 21000 करोड़ की बिकवाली से बाजार बाहर नहीं निकल पा रहा है. इसीलिए ऊपरी स्तरों पर बाजार का टिक पाना मुश्किल हो रहा है. आज सुबह ही हमने कहा था कि जिस तरह से शुक्रवार के आखिरी घंटें में बाजार में गिरावट आई थी, उस लिहाज से आज बाजार को जज कर पाना बहुत मुश्किल है. आज भी FII तगड़ी बिकवाली कर रहे हैं.
Gift Nifty दे रहा कमजोर शुरुआत का संकेत
सोमवार सुबह गिफ्ट निफ्टी करीब 23,702 के स्तर पर कारोबार करता दिखा. यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर से करीब 46 अंक नीचे था. आमतौर पर गिफ्ट निफ्टी बाजार खुलने से पहले शुरुआती संकेत देता है और फिलहाल इसके संकेत बता रहे हैं कि भारतीय बाजार की शुरुआत हल्की कमजोरी के साथ हो सकती है.
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शुक्रवार को बाजार में आई थी बड़ी गिरावट
पिछले कारोबारी सत्र में बाजार के आखिरी घंटे में अचानक तेज बिकवाली देखने को मिली थी. इसका असर दोनों प्रमुख सूचकांकों पर साफ दिखाई दिया. सेंसेक्स 1,092.06 अंक यानी 1.44 फीसदी गिरकर 74,775.74 पर बंद हुआ था. वहीं निफ्टी 50 भी 359.40 अंक यानी 1.50 फीसदी टूटकर 23,547.75 के स्तर पर बंद हुआ था. इस गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है.
विदेशी निवेशकों की बिकवाली बनी चिंता
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक यानी FPI लगातार भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं. NSDL के आंकड़ों के मुताबिक मई महीने में विदेशी निवेशकों ने 32,963 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. वहीं साल 2026 के पहले पांच महीनों में कुल निकासी 2,24,932 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली बाजार पर दबाव बढ़ा सकती है.
US-Iran वार्ता पर टिकी बाजार की नजर
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत पर दुनियाभर के निवेशकों की नजर बनी हुई है. दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चर्चा जारी है. हालांकि अभी तक कोई स्पष्ट नतीजा सामने नहीं आया है. अगर बातचीत में सकारात्मक प्रगति होती है तो बाजार को राहत मिल सकती है, लेकिन अनिश्चितता बनी रहने से निवेशक फिलहाल सतर्क नजर आ रहे हैं.
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बढ़ा रही चिंता
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिला है. अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमत 89.73 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जबकि ब्रेंट क्रूड 93.28 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की बढ़ती कीमतें बाजार और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए चिंता का विषय बन सकती हैं.
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RBI की बैठक पर भी रहेगी नजर
इस सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक भी होने वाली है. निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि RBI ब्याज दरों और अर्थव्यवस्था को लेकर क्या संकेत देता है. बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में इस दौरान हलचल देखने को मिल सकती है.
अमेरिका और भारत की व्यापार वार्ता होगी अहम
1 जून से 4 जून तक भारत और अमेरिका के बीच नई दिल्ली में व्यापार वार्ता होनी है. दोनों देश अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. अगर इस बैठक से कोई सकारात्मक खबर आती है तो उसका असर बाजार की धारणा पर भी देखने को मिल सकता है.
एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेत
सोमवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला. जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.78 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि कुछ अन्य बाजारों में कमजोरी रही. दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.40 फीसदी चढ़ा, जबकि कोस्डैक में गिरावट देखने को मिली. इससे साफ है कि वैश्विक निवेशक अभी भी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं.
अमेरिकी बाजार रिकॉर्ड स्तर पर बंद
शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए थे. डाउ जोंस 363.37 अंक चढ़कर 51,032.34 पर बंद हुआ. S&P 500 इंडेक्स 7,580.07 के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जबकि नैस्डैक 26,972.62 पर बंद हुआ. हालांकि मजबूत अमेरिकी बाजारों का असर भारतीय बाजार पर कितना पड़ता है, यह आज के कारोबार में साफ होगा.
आज बाजार में क्या रह सकता है रुख?
आज बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. एक तरफ अमेरिकी बाजारों की मजबूती सकारात्मक संकेत दे रही है, वहीं दूसरी तरफ विदेशी निवेशकों की बिकवाली, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक अनिश्चितताएं दबाव बना सकती हैं. ऐसे में निवेशकों की नजर दिनभर आने वाली खबरों और वैश्विक संकेतों पर बनी रहेगी.

