राहुल ने ₹196 की IRCTC ई-टिकट बुक की, जो वेटिंग लिस्ट में थी और बाद में ऑटोमैटिक कैंसिल हो गई. उसे रिफंड मिला ₹125. यानी ₹71 कट गए. अब सवाल ये है कि ये ₹71 आखिर कटे क्यों?
चलिए इसे बिल्कुल आसान भाषा और नियमों के हिसाब से समझते हैं.
साथ ही जानते हैं आईआरसीटीसी का क्या कहना है और टिकट कैंसिलेशन से जुड़े नियम अलग-अलग स्थिति में क्या होंगे.
सबसे पहले राहुल के केस को समझते हैं
टिकट बुकिंग अमाउंट: ₹196.80
टिकट स्टेटस: Waiting List (Auto Cancel)
रिफंड मिला: ₹125
कुल कटौती: ₹71 (लगभग 36%)
राहुल को समझ नहीं आया कि ऐसा क्यों हुआ? उसका मानना है कि अगर टिकट कैंसिल हो गई तो सारे पैसे रिफंड मिल जाने चाहिए थे, आखिर कम पैसे वापस क्यों आए?
इस मामले में IRCTC का नियम जान लें
IRCTC के अनुसार: टिकट कैंसिल या वेटिंग लिस्ट ड्रॉप होने पर IRCTC कोई अलग कैंसिलेशन चार्ज नहीं लेता. लेकिन बुकिंग के समय लिया गया Convenience Fee नॉन-रिफंडेबल होता है और रेलवे के नियम के अनुसार ₹60 का Clerkage Charge कटता है.
₹196 में से ₹71 कैसे कटे?
मान लीजिए आपका टिकट ब्रेकअप कुछ ऐसा था:
| कौन सा चार्ज | अनुमानित राशि |
|---|---|
| बेस फेयर + अन्य | ~₹125 |
| Clerkage Charge (रेलवे नियम) | ₹60 |
| Convenience Fee (IRCTC) | ₹10-₹15 (नॉन-रिफंडेबल) |
| GST आदि | कुछ रुपये |
| कुल कटौती | ~₹71 |
| रिफंड | ~₹125 |
यही कारण है कि ₹196 का पूरा पैसा वापस नहीं मिला.
ऑटोमैटिक कैंसिल = फुल रिफंड? बिल्कुल नहीं
बहुत लोग सोचते हैं: "टिकट अपने आप कैंसिल हुई, तो पूरा पैसा वापस मिलना चाहिए"
लेकिन नियम ऐसा नहीं है. सेवा (बुकिंग) पहले ही दी जा चुकी होती है, इसलिए Convenience Fee वापस नहीं होती. वहीं Clerkage Charge रेलवे नियम के तहत कटता ही है. आपको जो वापस मिलता है, वह होता है सिर्फ ट्रेन टिकट का पैसा.
रेलवे रिफंड रूल
अगर आपकी ई-टिकट पूरी तरह Waiting List रह गई और चार्ट बनने के बाद ऑटो कैंसिल हो गई तो रिफंड मिलेगा.
Clerkage Charge क्या होता है?
यह रेलवे का तय प्रशासनिक चार्ज है. मौजूदा वक्त में यह ₹60 प्रति टिकट (PRS नियम के अनुसार) है. यह ऑनलाइन और काउंटर टिकट दोनों पर लागू होता है.
IRCTC Convenience Fee क्यों नहीं लौटती?
IRCTC का साफ नियम:
- यह ऑनलाइन बुकिंग सर्विस चार्ज होता है
- टिकट बुक होते ही सेवा पूरी मानी जाती है
इसलिए यह नॉन-रिफंडेबल होता है, चाहे टिकट कन्फर्म हो, वेटिंग हो या कैंसिल हो.

IRCTC टिकट रिफंड के सभी नियम, पूरी लिस्ट
1- टिकट बुक हुआ, पैसा कट गया, लेकिन टिकट बना ही नहीं
अगर पैसे कट गए और टिकट जनरेट नहीं हुआ, तो पूरा किराया + IRCTC कन्वीनियंस फी वापस मिल जाता है, लेकिन बैंक/पेमेंट गेटवे चार्ज कट सकते हैं.
2- ई-टिकट कैंसिल करने का बेसिक नियम
ई-टिकट ऑनलाइन ही कैंसिल करना होगा. पैसा उसी अकाउंट में वापस आएगा जिससे बुकिंग की थी. समय के हिसाब से चार्ज कटता है.
3- कन्फर्म टिकट कैंसिल करने पर कितना कटता है?
48 घंटे पहले कैंसिल
फिक्स चार्ज कटेगा (प्रति व्यक्ति):
AC First / Executive: ₹240 + GST
AC 2 Tier / First Class: ₹200 + GST
AC 3 Tier / Chair Car: ₹180 + GST
Sleeper: ₹120
Second Class: ₹60
48 से 12 घंटे पहले कैंसिल
कुल किराए का 25% कटेगा (कम से कम ऊपर वाला चार्ज)
12 घंटे से 4 घंटे पहले
50% किराया कट सकता है
4 घंटे से कम पहले कैंसिल नहीं किया
कोई रिफंड नहीं मिलेगा
4- RAC या Waiting List टिकट के नियम
30 मिनट पहले तक कैंसिल
किराया वापस मिलेगा, लेकिन ₹60 प्रति यात्री Clerkage Charge कटेगा. ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक कैंसिल नहीं किया, तो कोई रिफंड नहीं मिलेगा.
अगर पूरा टिकट वेटिंग में ही रह गया
- ऑटो कैंसिल हो जाएगा
- किराया वापस मिलेगा
- लेकिन क्लर्केज (₹60) कटेगा
यही कारण है कि पूरा पैसा वापस नहीं मिलता
5- फैमिली या ग्रुप टिकट का नियम
अगर कुछ सीट कन्फर्म और कुछ वेटिंग हों और पूरा टिकट 30 मिनट पहले कैंसिल कर दिया जाए. कन्फर्म वालों को भी रिफंड मिलेगा, लेकिन Clerkage कटेगा.
6- ट्रेन कैंसिल हो जाए तो क्या होगा?
- पूरा पैसा रिफंड
- कोई चार्ज नहीं कटेगा
- TDR भी नहीं भरना पड़ेगा (ई-टिकट में)
7- ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट हो और आपने यात्रा ना की
- पूरा रिफंड मिलेगा
- कोई कैंसिलेशन या क्लर्केज चार्ज नहीं कटेगा
- लेकिन TDR ट्रेन के चलने से पहले भरना होगा
8- चार्ट बनने के बाद रिफंड का नियम
- चार्ट बनने के बाद ऑनलाइन कैंसिल नहीं
- TDR फाइल करना पड़ता है
- रिफंड देना या नहीं देना रेलवे तय करती है
9- Tatkal टिकट रिफंड नियम
- कन्फर्म Tatkal टिकट: कोई रिफंड नहीं
- RAC/Waiting Tatkal: नियम RAC जैसा
10- लोअर क्लास में यात्रा करवाई गई तो
जो क्लास बुक किया था और जो मिला उसके किराए का अंतर वापस मिलेगा
11- AC काम नहीं किया तो
AC किराया और नॉन-AC किराए का फर्क रिफंड होगा
12- TDR क्या होता है और कब भरना पड़ता है?
TDR (Ticket Deposit Receipt) तब भरना पड़ता है जब:
- चार्ट बनने के बाद कैंसिल
- ट्रेन लेट
- यात्रा नहीं की
- सीट नहीं मिली
- ट्रेन डायवर्ट हो गई
13- IRCTC कौन-कौन से चार्ज काटता है?
- Convenience Fee (बुकिंग के समय), जो वापस नहीं मिलती
- Clerkage Charge ₹60
- Cancellation Charge, टाइम के हिसाब से
- GST
14- सबसे जरूरी बात, लोग यहीं कन्फ्यूज होते हैं
- IRCTC कैंसिलेशन चार्ज नहीं लेता
- वह सिर्फ बुकिंग सर्विस का Convenience Fee लेता है (नॉन-रिफंडेबल)
- असली रिफंड नियम रेलवे तय करती है
Conclusion
वेटिंग लिस्ट ई-टिकट के ऑटोमैटिक कैंसिल होने पर पूरा पैसा वापस नहीं मिलना कोई स्कैम नहीं, बल्कि रेलवे के तय नियमों का हिस्सा है. इसमें ₹60 क्लर्केज चार्ज और IRCTC की कन्वीनियंस फी नॉन-रिफंडेबल होती है. इसलिए यूजर को सिर्फ बेस किराया वापस मिलता है, जिससे रिफंड कम दिखाई देता है.

