
करतारपुर गलियारा के बदले पाकिस्तान ने मांगा अजमेर गलियारा
चंडीगढ़ , 13 नवम्बर (हि.स.)। करतारपुर गलियारा के लिए राह देने के बदले अब पाकिस्तान ने भी वहां के मुसलमानों के लिए अजमेर गलियारा की मांग करनी शुरू कर दी है। पाकिस्तान के राज्य सिंध के संस्कृत और पर्यटन मंत्री सय्यद सरदार अली शाह ने कहा है कि जैसे भारत से आने वाले सभी लोगों को करतारपुर जाने की अनुमति खुले तौर पर हुई है, उसी तरह भारत सरकार पाकिस्तान के मुसलमानों के पवित्र स्थानों दरगाह पर जाने कि अनुमति दे।
मंत्री ने रंज प्रकट किया कि अजमेर शरीफ उनकी पवित्र दरगाह है, जो भारत के राजस्थान के अजमेर में है। लेकिन उन्हें वहां जाने की अनुमति ही नहीं मिलती।
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह इसे पाकिस्तान की चाल करार दे चुके हैं। अमेरिका इंग्लैंड और कनाडा से आने वाले अलगाववादियों समेत पाकिस्तान में स्थित सरगर्म खालिस्तान समर्थकों की मौजूदगी ने भी भारत की चिंता बढ़ायी है।गुरपरब वाले दिन, ननकाना साहिब में पाकिस्तान के चरमपंथी सिखों के साथ -साथ अमेरिका के सिखों ने खालिस्तान की मांग को लेकर जलूस निकाला। उन्होंने हाथ में अमरीका और खालिस्तान के झंडे पकडे हुए थे।
खालिस्तान समर्थक और पाकिस्तान सिख गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व सचिव गोपाल सिंह चावला ने भी इस बात की पुष्टि की है।
बातचीत में चावला ने कहा कि नानक समारोहों के बाद अब खालिस्तान को लेकर देश विदेश के सिखों की बैठक शीघ्र ही की जानी है। भारत सरकार के विपरीत पाकिस्तान सरकार द्वारा उन्हें अपनी बात के लिए कभी भी नहीं रोका जाता।
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान ने सिर्फ सिखों के लिए ही धार्मिक आस्था के द्वार नहीं खोले बल्कि एक शिव मंदिर को पाकिस्तान के हिन्दुओं के हवाले करके भारत आरोपों को खारिज करने की कोशिश की है कि वह सिर्फ सिखों के लिए ही दरियादिली नहीं दिखा रहा बल्कि हिन्दुओं के लिए भी उसकी नीति ऐसी ही है। परन्तु भारत की ख़ुफ़िया एजेंसियों की चिंता पाकिस्तान में पक रहे खालिस्तान के मंसूबे और खालिस्तानी संगठनों को दी जा रही खुल्लमखुल्ला शह को लेकर है।
हिन्दुस्थान समाचार /नरेंद्र जग्गा