- भाजपा-शिवसेना से इशारों में कहा,नुकसान जानते हुए भी नहीं थमतेझगड़े
मनीष कुलकर्णी
नागपुर, 19 नवम्बर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने महाराष्ट्र में हो रही सियासी उठापटक का जिक्र किए बिना राजनेताओं पर तंज कसा है। नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में भागवत ने कहा कि पर्यावरण का नुकसान करने से हमारा ही नुकसान होता है, यह जानते हुए भी लोग नादानी नहीं छोड़ते। ठीक इसी तरह झगड़ा करने से नुकसान होने की बात जानते हुए भी समाज में झगड़े होते रहते हैं।भागवत के इस बयान को दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र तक जारी सियासी लड़ाइयों के संदर्भ में देखा जा सकता है।
नागपुर के चीटणवीस सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि समाज में फैली बुराइयां और झगड़ों की जड़ स्वार्थ में छिपी होती है।
महाराष्ट्र में शिवसेना-बीजेपी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने के बावजूद मुख्यमंत्री पद को लेकर दोनों पार्टियों में ठन गई है। नतीजतन राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की नौबत आ गई। इसके बाद भी शिवसेना और बीजेपी के झगड़े थमने का नाम नहीं ले रहे है। एक ओर शिवसेना आक्रामक तेवर अपनाते हुए बीजेपी के खिलाफ तीखी बयानबाजी कर रही है तो दूसरी ओर शिवसेना-बीजेपी का तीन दशक पुराना गठबंधन टूटने की वजह से सियासी उठापटक और तेज हो गई है।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने 5 नवम्बर को सरसंघचालक से मुलाकात कर अपना रूख साफ कर दिया था। 7नवम्बरको हुए एक कार्यक्रम में बिना किसी का जिक्र किए भागवत ने कहा था कि व्यक्ति और समाज में आपसी स्नेह हमेशा बरकरार रखना चाहिए। आत्मीयता ही हमारे संबंधों की आधारशिला होती है लेकिन इसके बाद भी दोनों पार्टियों के बीच सियासी रस्साकशी जारी रही जिसके चलते राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया। संघ हमेशा से यही चाहता रहा है कि हिन्दूवादी पार्टियां आपसे में मिलजुल कर रहें लेकिन कुर्सी के खेल ने शिवसेना और बीजेपी को एक-दूसरे के खिलाफ कर दिया है।
हिन्दुस्थान समाचार

