WardWizard Mobility ने दिसंबर 2021 में की 3,860 ई- वाहनों की बिक्री

Drive Spark via Dailyhunt

WardWizard इनोवेशन एंड मोबिलिटी लिमिटेड ने दिसंबर 2021 की सेल्स रिपोर्ट जारी कर दी है। कंपनी ने बीते दिसंबर महीने में 3,860 यूनिट इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री की है।

WardWizard Joy E- Bike ब्रांड के तहत दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्माण करती है। एक बयान के अनुसार, कंपनी इलेक्ट्रिक वाहन खंड में तेजी से विकास को देख रही है।

दिसंबर 2021 की बिक्री में 548 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि दिसंबर 2020 में कंपनी ने केवल 595 यूनिट्स की ही बिक्री की थी।

कंपनी का कहना है कि वह चालू वित्त वर्ष की पहली तीन तिमाहियों ( अप्रैल से दिसंबर 2021) में पहले ही 17,000 यूनिट्स से अधिक इलेक्ट्रिक स्कूटर और इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल बेच चुकी है।

कंपनी ने कहा कि यह पिछले वित्त वर्ष ( अप्रैल से दिसंबर 2020) की समान अवधि की बिक्री की तुलना में 570 प्रतिशत की वृद्धि है। तीसरी तिमाही ( अक्टूबर से दिसंबर 2021) की बिक्री पहली बार 10,000 यूनिट्स के पार चली गई।

2021 में, कंपनी ने अक्टूबर 2021 से अपने विनिर्माण संयंत्र में नई स्वचालित असेंबली लाइन के साथ एक ही शिफ्ट में वार्षिक उत्पादन क्षमता को 1 लाख यूनिट से 2 लाख यूनिट तक बढ़ाने की घोषणा की। कंपनी ने इसके साथ एक समझौता ज्ञापन ( MoU) पर भी हस्ताक्षर किया।

कंपनी गुजरात में इलेक्ट्रिक वाहनों के अनुसंधान और विकास के लिए 500 करोड़ का निवेश कर रही है।

वार्डविजार्ड पिछले साल गुजरात में 20 नई डीलरशिप का उद्घाटन कर चुकी है। इसके अलावा कंपनी ने गुवाहाटी में दो डीलरशिप के साथ असम में बाजार में प्रवेश किया, और पुणे में कंपनी के स्वामित्व वाले तीन विशेष अनुभव केंद्र खोले।

बता दें कि गुजरात में इसी साल अक्टूबर में ' गो ग्रीन' योजना शुरू की गई है। जिसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने, ईंधन के बिल को कम करने और वाहनों के उत्सर्जन पर अंकुश लगाकर पर्यावरण को स्वच्छ बनाने का समर्थन करना है।

योजना के तहत राज्य के निर्माण और औद्योगिक श्रमिकों को रियायती दर पर बैटरी से चलने वाले दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

संगठित क्षेत्र का कोई भी श्रमिक इलेक्ट्रिक वाहन की कीमत पर 30 प्रतिशत या 30,000 रुपये की सब्सिडी, जो भी कम हो, का लाभ उठा सकता है।

निर्माण क्षेत्र में श्रमिकों के लिए सब्सिडी का एक अलग मानदंड हैं, वे बैटरी से चलने वाले दोपहिया वाहन पर 50 प्रतिशत सब्सिडी या 30,000 रुपये की छूट, जो भी कम हो, का लाभ उठा सकते हैं।

इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले श्रमिकों को वाहन रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स पर भी एक बार के लिए छूट दी जाएगी।

'गो ग्रीन' योजना के प्रारंभिक चरण में, राज्य सरकार 1,000 निर्माण श्रमिकों और 2,000 संगठित क्षेत्र के श्रमिकों को बैटरी से चलने वाले ऐसे दोपहिया वाहन उपलब्ध करा रही है।

इस योजना के तहत केवल सरकार द्वारा अनुमोदित और स्थानीय रूप से निर्मित वाहनों को ही पात्र माना जाएगा।

राज्य सरकार की विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस योजना के तहत दिए जाने वाले इलेक्ट्रिक वाहन एक बार चार्ज करने में 50 किलोमीटर की दूरी तय करने में सक्षम हाई- स्पीड मॉडल होंगे।

बता दें कि केंद्र सरकार की फेम- 2 ( Fame- 2) स्कीम के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों पर रजिस्ट्रेशन शुल्क और रोड टैक्स को समाप्त कर दिया गया है। अब इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले ग्राहक रजिस्ट्रेशन शुल्क की बचत कर सकते हैं।

केंद्र सरकार के साथ कई राज्य सरकारें भी अपनी इलेक्ट्रिक वाहन नीतियों के तहत बैटरी से चलने वाले वाहनों के रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट दे रही हैं।

इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को प्रोत्साहित करने के लिए बैटरी से चलने वाले सभी वाहनों पर जीएसटी दर ( GST Rate) को 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।

इसके अलावा कई राज्य सरकारें भी सब्सिडी और छूट देकर इलेक्ट्रिक वाहनों के उतपादन और बिक्री को प्रोत्साहित कर रही हैं।

पूरी कहानी देखें