Delhi: ड्राइविंग लाइसेंस की वैद्यता बढ़ी, जानें क्या है नई डेडलाइन

Drive Spark via Dailyhunt

दिल्ली सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस की वैद्यता को बढ़ा दिया है। 1 फरवरी 2020 से 31 जनवरी 2022 के बीच समाप्त होने वाले ड्राइविंग लाइसेंस की वैद्यता को 31 मार्च 2022 तक बढ़ा दिया है।

लर्नर लाइसेंस की भी वैद्यता बढ़ी दिल्ली परिवहन विभाग ने कोरोना महामारी की तीसरी लहर को देखते हुए ड्राइविंग टेस्ट को भी बंद कर दिया है और लर्नर लाइसेंस की भी वैधता को 31 जनवरी, 2022 से बढ़ा कर 31 मार्च 2022 तक कर दिया है।

गहलोत ने कहा कि ड्राइविंग टेस्ट के बंद होने के कारण लोग ऑनलाइन टेस्ट स्लॉट बुक नहीं कर पा रहे हैं, ऐसी स्थिति में दिल्ली सरकार ने 1 फरवरी 2020 से 31 जनवरी 2022 के बीच समाप्त होने वाले लर्नर लाइसेंस की वैद्यता को 31 मार्च 2022 तक बढ़ा दिया है।

दिल्ली सरकार ने इस महीने की शुरुआत में कोविड -19 मामलों में वृद्धि को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में ड्राइविंग लाइसेंस परीक्षणों को निलंबित कर दिया था।

6 जनवरी, 2022 से दिल्ली के सभी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों ( आरटीओ) में नए और मौजूदा ड्राइविंग लाइसेंस और यहां तक ​​कि लर्निंग लाइसेंस परीक्षणों के लिए सभी नियुक्तियों को निलंबित कर दिया गया है।

पुराने वाहनों पर लगा प्रतिबंध बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली परिवहन विभाग ने दो लाख से अधिक पुराने डीजल वाहनों का पंजीकरण रद्द कर दिया है।

राज्य में 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों को अनुमति नहीं देने के दिल्ली सरकार के निर्णय के बाद यह कदम उठाया गया है। डीजल वाहनों के अलावा 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों का भी पंजीकरण रद्द किया जा रहा है।

राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने 2016 में 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। हाल ही में दिल्ली सरकार ने अपने फैसले को दोहराते हुए राज्य में इन वाहनों पर प्रतिबंध लगाने की सूचना जारी की थी।

दिल्ली सरकार ने डीजल वाहनों की पंजीकरण अवधि को 15 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष करने के लिए परिवहन कानून में संशोधन किया था।

दिल्ली परिवहन विभाग ऐसे वाहनों को दिल्ली से बाहर उन राज्यों में चलाने के लिए एनओसी जारी कर रहा है जहां ये वाहन प्रतिबंधित नहीं हैं। बता दें कि समय सीमा पार कर चुके वाहन ऐसे राज्यों में चलाए जा सकते हैं जहां वाहनों को चलाने के लिए समय सीमा निर्धारित नहीं है।

दिल्ली सरकार पेट्रोल- डीजल पर चलने वाले पुराने वाहनों में इलेक्ट्रिक किट लगवाने की भी मंजूरी दे रही है।

पेट्रोल और डीजल वाहनों के लिए इलेक्ट्रिक किट के रेट्रोफिटमेंट की अनुमति से राष्ट्रीय राजधानी में इलेक्ट्रिक और शून्य- उत्सर्जन वाहनों को बढ़ावा देने में सहायता मिलेगी।

दिल्ली परिवहन विभाग उन निर्माताओं को सूचीबद्ध कर रहा है जो पारंपरिक आईसीई ( ICE) वाहनों को इलेक्ट्रिक व्हीकल में बदलने के लिए इलेक्ट्रिक किट बनाते हैं।

दिल्ली- राज्यक्षेत्र में गंभीर वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण वाहनों से होने वाला उत्सर्जन है। इसमें डीजल से चलने वाले कमर्शियल वाहनों की अहम भूमिका है।

डीजल वाहन को इलेक्ट्रिक में बदलने के बाद वाहन मालिक दिल्ली सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत मिलने वाली सब्सिडी और छूट का लाभ उठा सकते हैं।

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