2025 तक पुरा हो जाएगा 2 लाख किलोमीटर राजमार्गों का निर्माण, NHAI ने काम की रफ्तार की तेज

Drive Spark via Dailyhunt

देश में अगले तीन साल में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई बढ़कर 2 लाख किलोमीटर तक हो जाएगी।

केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बजट सत्र के पहले दिन संसद में अपने भाषण में कहा कि केंद्र सरकार 2025 तक 2 लाख किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण का लक्ष्य लेकर चल रही है। इस दौरान कुल राजमार्गों की लंबाई में 25 फीसदी की वृद्धि होगी।

भारत में पहले से ही 1.40 लाख किलोमीटर से अधिक का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क है।

गडकरी ने कहा कि दिल्ली से मुंबई के बीच बनाए जा रहे सबसे लंबे एक्सप्रेसवे का काम जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इससे पहले, नितिन गडकरी ने खुलासा किया था कि उनके मंत्रालय का लक्ष्य राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को और बढ़ाना है।

नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार 2025 तक 2 लाख किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विकास की दिशा में काम कर रही है। हम यात्रा के समय को कम करने के लिए 22 ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे विकसित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे यात्रा के समय और ईंधन लागत में कटौती के अलावा, आर्थिक विकास में भी मदद करते हैं। हमारी प्राथमिकता लॉजिस्टिक्स की लागत को जीडीपी के मौजूदा 14 - 16 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी करना है।

चीन में यह 8 - 10 फीसदी और यूरोपीय देशों में 12 फीसदी है। अगर हम इसे भारत में 10 - 12 फीसदी तक लाते हैं तो हम अंतरराष्ट्रीय बाजार में अच्छी प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।

बता दें कि राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण और रखरखाव के लिए जिम्मेदार एजेंसी, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( एनएचएआई) ने लॉकडाउन के दौरान भी राजमार्गों के निर्माण का काम जारी रखा था।

मार्च 2020 से लॉकडाउन के वजह से ट्रैफिक नहीं होने के कारण कई परियोजनों में निर्माण की रफ्तार को बढ़ाने में भी सफलता मिली थी।

इस दौरान एजेंसी ने निर्माण में कुछ रिकॉर्ड उपलब्धियां भी हासिल कीं। पिछले साल, NHAI ने 25.54 किलोमीटर सिंगल लेन सड़क का विकास केवल 18 घंटों में पूरा कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। यह सड़क NH- 52 पर विजयपुर और सोलापुर के बीच फोर- लेन हाईवे पर स्थित है।

एनएचएआई ने पिछले साल फरवरी में एक दिन के भीतर फोर- लेन हाईवे पर सबसे अधिक मात्रा में कंक्रीट डालने का एक और विश्व रिकॉर्ड बनाया था।

यह उपलब्धि ठेकेदार पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर ने हासिल की और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया।

एनएचएआई राष्ट्रीय राजमार्गों पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम ( एटीएमसी) की मदद से देश की सड़क सुरक्षा को मजबूत कर रही है। यह तकनीक राजमार्गों पर तय सीमा से ज्यादा रफ्तार पर चलने वाले वाहनों और राजमार्गों पर लगने वाले ट्रैफिक जाम के कारणों का पता लगाएगी।

इसके लिए राजमार्गों पर एडवांस तकनीक के सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और निगरानी के लिए प्रत्येक सेक्शन पर एक कंट्रोल रूम होंगे। जिससे सेक्शन पर यातायात की निगरानी हो सकेगी।

एटीएमसी में स्पीड पता लगाने की तकनीक होगी। मौसम की जानकारी मोबाइल रेडियो कम्यूनिकेशन के माध्यम से सड़क यात्रियों को दी जा सकेगी। इसके अलावा ऑटोमैटिक क्लासिक कम काउंटर सिस्टम की मदद से प्रत्येक वाहनों के विवरण डाटा बेस होगा।

सड़क हादसे अथवा किसी मुसीबत में सड़क यात्रियों की त्वरित मदद की जा सकेगी।

एनएचएआई राजमार्गों का रोड सेफ्टी ऑडिट कर रही है। इसके तहत राजमार्गों के ब्लैक स्पॉट हटाए जा रहे हैं। वर्तमान में 5,000 से ज्यादा ब्लैक स्पॉट की पहचान हो चुकी है।

इसमें एक हजार को ठीक करने का काम चल रहा है और पूर्व में 2,500 ब्लैक स्पॉट को ठीक किया जा चुका है।

देश में इलेक्ट्रिक वाहनों एक लिए राजमार्गों पर चार्जिंग स्टेशनों को लगाने का काम भी शुरू हो चुका है। एनएचएआई ने चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने के लिए 3,000 हेक्टेयर से अधिक के संयुक्त क्षेत्र के साथ 22 राज्यों में 650 से अधिक संपत्तियों की पहचान की है।

मौजूदा समय में चार्जिंग स्टेशनों की कमी के कारण इलेक्ट्रिक वाहनों से लंबी दूरी की यात्रा करना संभव नहीं है। इलेक्ट्रिक मालिकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए राजमार्गों के किनारे बहुत कम ईवी चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हैं।

ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने से भारत में इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों को काफी मदद मिलेगी।

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