Budget 2022: बैटरी और हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वालें वाहनों को मिलेगा प्रोत्साहन, ऊर्जा भंडारण पर होगा जोर

Drive Spark via Dailyhunt

संसद में बजट सत्र शुरू हो चुका है और केंद्र सरकार 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2022 पेश करने वाली है। ऐसे में देश के ऑटोमोबाइल उद्योग को नए बजट से काफी उमीदें हैं।

आगामी बजट में सरकार का मुख्य ध्यान उभरते हुए इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग और हाइड्रोजन फ्यूल सेल वाले वाहनों पर होगा। इसके साथ ही, बजट में इलेक्ट्रोलाइजर्स के निर्माण के लिए उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के लिए नई नीति की घोषणा की जा सकती है।

परिवहन के क्षेत्र में ग्रीन हाइड्रोजन का उपयोग करने की भारत की योजना की घोषणा सबसे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले साल अपने बजट भाषण में की थी।

बाद में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2021 में अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में राष्ट्रीय हाइड्रोजन ऊर्जा मिशन की घोषणा की। ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन अक्षय ऊर्जा का उपयोग करके इलेक्ट्रोलिसिस के माध्यम से किया जाता है।

नवीकरणीय ऊर्जा श्रोतों पर होगा जोर जानकारी के अनुसार, सरकार जल्द ही भारत में इलेक्ट्रोलाइजर बनाने के लिए उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन की घोषणा करेगी ताकि स्थानीय स्तर पर ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन किया जा सके।

इसके अलावा, ग्रीन हाइड्रोजन के निर्यात पर प्रोत्साहन पर भी चर्चा की जा रही है।

भारतीय उद्योग परिसंघ ( सीआईआई) द्वारा गुरुवार को आयोजित एक कार्यक्रम में विद्युत मंत्री आरके सिंह ने कहा कि विद्युत मंत्रालय के साथ नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने एक राष्ट्रीय हाइड्रोजन नीति तैयार की है जो फरवरी के पहले सप्ताह तक जारी की जाएगी।

हाइड्रोजन नीति के तहत हाइड्रोजन का उत्पादन करने वाले उपक्रमों को मुफ्त में बिजली देने की नीति तैयार की जा सकती है।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2021 में आयोजित ग्लासगो जलवायु शिखर सम्मेलन में घोषणा की थी कि भारत 2030 तक कार्बन उत्सर्जन में 1 बिलियन टन की कमी करेगा और अपने 50 प्रतिशत ऊर्जा की जरूरत हो अक्षय ऊर्जा श्रोत से पूरा करेगा।

ऊर्जा भंडारण पर होगा निवेश हाइड्रोजन ऊर्जा में निवेश की दृष्टि से दुनिया भर की कंपनियों को आकर्षित करने के लिए, नीति में डॉलर मूल्यवर्ग की बोलियां होंगी और उत्पादन इकाइयां स्थापित करने के लिए अक्षय ऊर्जा पार्कों में भूमि की पेशकश की जाएगी।

हरित हाइड्रोजन या अमोनिया के भंडारण के लिए बंकर बनाने के लिए बंदरगाहों के पास भूमि आवंटित की जाएगी।

अक्षय ऊर्जा से बिजली उत्पादन को बढ़ावा देने की नई नीति में देश भर में पंप्ड स्टोरेज हाइड्रोपावर के निर्माण को भी प्रोत्साहन दिया जा सकता है। इसका उद्देश्य पूरे देश में बड़े पैमाने पर भंडारण प्रणालियों के निर्माण को बढ़ावा देना है।

कोयला आधारित बिजली उत्पाद से अक्षय ऊर्जा स्रोतों की ओर सुचारु रूप से बढ़ने के लिए ऊर्जा भंडारण प्रणालियों को आवश्यक माना जाता है।

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