Vehicle Sales January 2022: पैसेंजर वाहन, दोपहिया सेगमेंट में गिरावट जारी, कमर्शियल वाहनों की बिक्री हुई बेहतर

Drive Spark via Dailyhunt

जनवरी 2022 में डीलर्स को भेजे गये वाहनों की जानकारी सामने गयी है। बीते महीने में पैसेंजर वाहन दोपहिया सेगमेंट में गिरावट दर्ज की गयी है।

मारुति सुजुकी ने जनवरी महीने में 1,28,924 यूनिट वाहन अपने डीलर्स को भेजे हैं जो कि पिछले साल के मुकाबले 7% कम है। दूसरे स्थान पर फिर से हुंडई गयी है, इसकी बिक्री में 15% की बढ़त दर्ज की गयी है।

वहीं टाटा मोटर्स ने डीलर्स को बीते महीने 51% अधिक वाहन भेजे हैं। इसके बाद महिंद्रा किया रही है, इनकी बिक्री में क्रमशः 3% की कमी 1% की वृद्धि दर्ज की गयी है।

जहां बीता महीना भारतीय में निसान, फॉक्सवैगन, स्कोडा, एफसीए, एमजी मोत्प्र के लिए अच्छा रहा है, वहीं मारुति सुजुकी हुंडई के साथ साथ रेनॉल्ट, होंडा टोयोटा जैसी कंपनियां बुरी तरह से प्रभावित हुई है।

कंपनियों ने जानकारी दी है कि चिप की कमी के चलते उत्पादन में कमी आई है जिसके फलस्वरूप डिलीवरी भी अनुमान के अनुरूप नहीं किये जा सके, हालांकि कंपनियों को बुकिंग अच्छी मिल रही है।

बीते महीने कुल 2.94 लाख वाहन डीलर्स को डिस्पैच किये गये हैं जो कि पिछले जनवरी के 3.03 लाख यूनिट के मुकाबले 2% कम है।

बतातें चले कि चिप की कमी की वजह से सभी कंपनियां प्रभावित हुई है लेकिन टाटा अपने सहयोगी कंपनी से मिलकर इस समस्या को दूर करने में लगी हुई है, जिस वजह से कंपनी ने बीते महीने अब तक की से अधिक वाहन की बिक्री की है।

वर्तमान में दोपहिया सेगमेंट की स्थिति पहले जैसे ही बनी हुई है। बीते महीने इस सेगमेंट में 10,26,873 यूनिट डीलर्स को भेजे गये हैं जो कि पिछले साल के मुकाबले 21% कम है।

इस सेगमेंट की सभी बड़ी कंपनियों की बिक्री में भारी कमी दर्ज की गयी है और इसका सीधा कारण मांग में कमी है। पेट्रोल के बढ़ते दामों की वजह से दोपहिया ग्राहक सबसे अधिक प्रभावित हुए है।

ऐसे में लोग अब दोपहिया खरीदने से बच रहे हैं, इसका साफ असर हीरो, होंडा मोटरसाइकिल टीवीएस के आंकड़ों में देखा जा सकता है। बतातें चले कि देश में दोपहिया बिक्री की स्थिति बेहतर नहीं हो पायी है तथा पिछले दो साल से बिक्री कम हो रही है।

इस सेगमेंट में औसतन 14 लाख वाहनों की बिक्री की जाती थी जो कि अब प्रतिमाह 10 लाख यूनिट पर गयी है।

लंबे समय से बिक्री की कमी से जूझने के बाद यह सेगमेंट धीरे धीरे बेहतर हो रहा है। बीते महीने इस सेगमेंट में 14% अधिक वाहन डीलर्स को भेजे गये हैं, वीईसीवी को छोड़कर बाकि कंपनियों की बिक्री में बढ़त दर्ज की गयी है।

इस सेगमेंट में पिछले महीने कुल 70,160 यूनिट डीलर्स को भेजे गये हैं, हालांकि इस सेगमेंट की भी स्थिति उतनी बेहतर नहीं हो पायी है।

देश में ऑटो बाजार की हालत खस्ता हो चुकी है, इसमें नए वाहन खरीदने से लोग बच रहे हैं।

वाहनों की कीमत में भारी इजाफा होने की वजह से लोग सेकंड हैंड वाहनों को तरजीह दे रहे हैं, वहीं फ्यूल की बढ़ती कीमत की वजह से दोपहिया सेगमेंट वाले इलेक्ट्रिक वाहनों का रुख कर रहे हैं जिस वजह से जनवरी महीने में इनकी शानदार बिक्री हुई है।

भारतीय बाजार धीरे- धीरे कोविड के प्रभाव से थोड़ा संभला ही था कि चिप की कमी हो गयी है जिस वजह से मांग की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। वहीं दोपहिया और पैसेंजर वाहन सेगमेंट की स्थिति चिंताजनक है, आने वाले महीनों में भी यह स्थिति रह सकती है।

अब तीसरे लहर के आने के बाद फिर से बिक्री में कमी सकती है।

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