सड़क हादसों के जांच के लिए नई प्रक्रिया हुई अधिसूचित, क्लेम के लिए तुरंत होगी सुनवाई

Drive Spark via Dailyhunt

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने गुरुवार को दुर्घटना बीमा दावों का तेजी से निपटान के लिए सड़क दुर्घटनाओं को रिपोर्ट करने के लिए नए नियमों को अधिसूचित किया है।

नए नियमों के तहत दावों को निपटाने के लिए समय- सीमा को निर्धारित किया गया है जिसके भीतर संबंधित अधिकारीयों को जांच पूरी करनी होती है और दावा न्यायाधिकरण के समक्ष को प्रस्तुत करना है।

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अधिसूचना के अनुसार, किसी सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही संबंधित जांच अधिकारी घटनास्थल का निरीक्षण करेंगे। इस जांच प्रक्रिया में अधिकारी दुर्घटना स्थल और दुर्घटना में शामिल वाहनों की तस्वीरें लेंगे और घटनास्थल की साइट योजना तैयार करेंगे।

दुर्घटना के 48 घंटों के भीतर, जांच अधिकारी को इसके बारे में क्लेम ट्रिब्यूनल को सूचित करना होगा। पीड़ितों और उनके कानूनी प्रतिनिधियों को दुर्घटना के 10 दिनों के भीतर उनके अधिकारों और निपटान योजना की प्रक्रिया के बारे में सूचित करना होगा।

निरीक्षण अधिकारी को 50 दिनों के भीतर अंतरिम दुर्घटना रिपोर्ट क्लेम ट्रिब्यूनल को देनी होगी। साथ ही आपराधिक जांच पूरी करनी होगी और 60 दिनों के भीतर संबंधित आपराधिक अदालत के समक्ष रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।

निरीक्षण अधिकारी को सूचनाओं और दस्तावेजों का सत्यापन पूरा करना होगा और 90 दिनों के भीतर विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट ( डीएआर) को न्यायाधिकरण में जमा करना होगा।

इस समय सीमा के भीतर, उसे बीमा कंपनी को एक डीएआर जमा करना होगा जिसे सत्यापन करना होगा और 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट जमा करनी होगी।

बात दें कि सरकार ने दोपहिया वाहन पर बच्चों की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए छोटे बच्चों के लिए हेलमेट का उपयोग अनिवार्य कर दिया है।

नए यातायात नियमों के तहत बाइक चालक अगर चार साल से कम उम्र के बच्चे के साथ सफर करता है तो बच्चे को हेलमेट और सेफ्टी हार्नेस बेल्ट पहनना अनिवार्य होगा।

इसके अलावा, बच्चे के साथ बाइक की सवारी करने पर बाइक की अधिकतम स्पीड 40 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक नहीं होनी चाहिए। इन नियमों का उल्लंघन करने पर 1,000 रुपये के जुर्माने के साथ- साथ तीन महीने तक ड्राइविंग लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।

केंद्र सरकार नए नियमों को 2023 से लागू करेगी।

बाइक के पीछे सवारी करने वाले बच्चे को बाइसाइकिल हेलमेट या क्रैश हेलमेट पहनने का निर्देश दिया गया है। यह हेलमेट आईएसआई ( ISI) मार्क वाला असली हेलमेट होना चाहिए।

केंद्र सरकार पहले ही हेलमेट बनाने वाली कंपनियों को बच्चों के लिए हेलमेट से संबंधित दिशानिर्देश अधिसूचित कर चुकी है।

पिछले साल अक्टूबर में मंत्रालय ने एक मसौदा अधिसूचना जारी कर नियम में बदलाव का प्रस्ताव रखा था। इसमें बाइक सवारों के लिए बच्चों के लिए सेफ्टी हार्नेस और क्रैश हेलमेट का इस्तेमाल अनिवार्य करने का प्रस्ताव लाया गया था।

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