WardWizard ने लाॅन्च की Wolf + और Nanu + इलेक्ट्रिक स्कूटर, जानें क्या है रेंज और फीचर्स

Drive Spark via Dailyhunt

इलेक्ट्रिक स्कूटर निर्माता वार्ड विजार्ड ( WardWizard) ने दो नए हाई स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर, Wolf + और Nanu + और एक फ्लीट मैनेजमेंट स्कूटर Del Go को लॉन्च किया है।

कंपनी इन स्कूटरों का उत्पादन गुजरात के वडोदरा प्लांट में शुरू करने वाली है। तीनों स्कूटरों की बुकिंग कंपनी के सभी डीलरशिप पर शुरू हो गई है। सभी स्कूटर्स 3 साल की व्यापक वारंटी के साथ पेश किये जा रहे हैं।

तीनों स्कूटरों को स्थानीयकरण और ' मेक- इन- इंडिया' पहल को बढ़ावा देने के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट टीम द्वारा भारत में ही डिजाइन और विकसित किया गया है।

इलेक्ट्रिक स्कूटर लिथियम- आयन ( NMC) डिटेचेबल बैटरी के साथ आते हैं जो 4 घंटे में चार्ज हो सकती है। स्कूटर में तीन राइडिंग मोड हैं- हाइपर मोड, स्पोर्ट्स मोड और इकोनॉमी मोड दिए गए हैं जिन्हें चलाते समय बदला जा सकता है।

तीनों स्कूटर रिवर्स मोड, एंटीथेफ्ट रीजेनरेटिव ब्रेकिंग आदि फीचर्स से लैस हैं। पूरी तरह चार्ज होने पर यह स्कूटर 100 किमी तक चलाए जा सकते हैं।

जॉय ई- बाइक ब्रांड के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की निर्माता WardWizard इनोवेशन एंड मोबिलिटी लिमिटेड, गुजरात में 500 करोड़ रुपये के निवेश से नया प्लांट लगाने जा रही है।

WardWizard मोबिलिटी, दो और तीन- पहिया वाहनों के अनुसंधान और विकास में निवेश करने के साथ, अपनी वडोदरा सुविधा में मोटर असेंबली की स्थापना करेगी और कच्चे माल के निर्माण के लिए सहायक उपकरण विकसित करेगी।

इस पहल से राज्य में 6,000 से अधिक नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।

कंपनी द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन में निवेश से उपकरण बनाने वाले स्थानीय वेंडरों को भी बढ़ावा मिलेगा। पेट्रोल वाहनों का बेहतर विकल्प उपलब्ध होने से ग्राहक इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदने के लिए प्रेरित होंगे जिससे मेक- इन- इंडिया के दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलेगा।

केंद्र

रकार के ई- वाहन पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार देश भर में 9.66 लाख इलेक्ट्रिक वाहन ( ईवी) पंजीकृत हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक और बिहार इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करने वाले राज्यों में सबसे आगे हैं।

केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों ( ईवी) पर जीएसटी दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत और इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जर या चार्जिंग स्टेशनों पर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।

ऑटोमोबाइल और ऑटो घटकों के लिए घोषित 25,938 करोड़ रुपये के प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव ( पीएलआई) योजना में इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। यह योजना पांच साल के लिए लागू की गई है।

देश में हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए, केंद्र सरकार ने 2015 में पैन- इंडिया आधार पर भारत में फास्टर मॉडुलेशन ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स ( FAME) योजना की शुरूआत की थी।

वर्तमान में, FAME योजना के दूसरे चरण को 1 अप्रैल, 2019 से पांच साल की अवधि के लिए लागू किया गया है, जिसमें कुल बजटीय सहायता 10,000 करोड़ रुपये है।

1 फरवरी को पेश किए गए आम बजट में केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं।

हालांकि, बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों को कम या ज्यादा करने की घोषणा तो नहीं की गई है, लेकिन केंद्र सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी स्वैपिंग नीति लो लागू करेगी, जिससे इलेक्ट्रिक वाहन को बार- बार चार्ज किये बगैर लंबा सफर करना आसान हो जाएगा।

इसके अलावा बजट में सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की नीति तैयार की गई है। इस नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी बनाने के लिए प्राइवेट क्षेत्र को बढ़ावा दिया जाएगा।

इसके अलावा, इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए स्पेशल मोबिलिटी जोन डेवलप किए जाएंगे और सेमीकंडक्टर के प्रोडक्शन के लिए इंडस्ट्री डेवलप की जाएगी।

पूरी कहानी देखें