Fuel Wise Vehicle Registration: 2021 में फ्यूल के अनुसार कैसी रहा वाहनों का रजिस्ट्रेशन, जानें

Drive Spark via Dailyhunt

2021 में फ्यूल अनुसार वाहनों की कितनी वाहनों की बिक्री की गयी है इसकी जानकारी सामने गयी है।

एक तरफ जहां पेट्रोल दिजला की हिस्सेदारी में कमी आई है और सीएनजी इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में बढ़त दर्ज की गयी है। इसके साथ ही एलपीजी वाहनों की बिक्री में भी कमी दर्ज की गयी है।

2021 में 1,67,33,331 यूनिट रजिस्ट्रेशन की गयी है जो कि 2020 में 1,63,00,706 यूनिट के मुकाबले अधिक है।

पेट्रोल की बात करें तो 2021 में 1,42,53,529 यूनिट वाहनों का रजिस्ट्रेशन किया गया है जो कि 2020 के 1,41,41,308 के मुकाबले कम है। बीते साल में शेयर प्रतिशत में कमी आई है और पेट्रोल वाहनों की हिस्सेदारी 85.2% हो गयी है।

इसके बाद डीजल वाहनों की बात करें तो 2021 में 17,54,897 यूनिट वाहनों का रजिस्ट्रेशन किया गया है जो कि 2020 के 17,54,894 के मुकाबले कम है। बीते , साल में शेयर प्रतिशत में कमी आई है और पेट्रोल वाहनों की हिस्सेदारी 10.5% हो गयी है।

सीएनजी वाहनों की बात करें तो 2021 में 4,00,165 यूनिट वाहनों का रजिस्ट्रेशन किया गया है जो कि 2020 के 2,48,891 के मुकाबले कम है। बीते साल में शेयर प्रतिशत में बढ़त आई है और पेट्रोल वाहनों की हिस्सेदारी 2.4% हो गयी है।

इस सेगमेंट को शानदार प्रतिक्रिया मिली है, मारुति जहां नए सीएनजी मॉडल्स लाने वाली है, वहीं टाटा मोटर्स ने भी इस सेगमेंट में प्रवेश कर लिया है और पहले ही महीने में शानदार प्रतिक्रिया मिली है।

ऐसी ही प्रतिक्रिया इलेक्ट्रिक वाहनों को भी मिली है, इलेक्ट्रिक वाहनों की बात करें तो 2021 में 3,11,350 यूनिट वाहनों का रजिस्ट्रेशन किया गया है जो कि 2020 के 1,19,652 के मुकाबले कम है।

बीते साल में शेयर प्रतिशत में बढ़त आई है और पेट्रोल वाहनों की हिस्सेदारी 1.9% हो गयी है। कई कंपनियों ने इलेक्ट्रिक वाहन लाये है, इसमें अभी भी टाटा मोटर्स हीरो इलेक्ट्रिक का वर्चस्व बना हुआ है।

इसके बाद एलपीजी रही है, सीएनजी वाहनों की बात करें तो 2021 में 13,390 यूनिट वाहनों का रजिस्ट्रेशन किया गया है जो कि 2020 के 35,961 के मुकाबले कम है। बीते साल में शेयर प्रतिशत में कमी आई है और पेट्रोल वाहनों की हिस्सेदारी 0.1% हो गयी है।

ट्रेंड को देखतें हुए लग रहा है कि आने वाले साल में इलेक्ट्रिक सीएनजी वाहनों का शेयर प्रतिशत और भी बढ़ सकता है।

जनवरी 2022 में डीलर्स को भेजे गये वाहनों की जानकारी सामने गयी है, बीते महीने में पैसेंजर वाहन दोपहिया सेगमेंट में गिरावट दर्ज की गयी है, वहीं कमर्शियल वाहनों की बिक्री में धीरे- धीरे बढ़त हो रही है।

सेमीकंडक्टर की कमी की वजह से पैसेंजर वाहन दोपहिया सेगमेंट अभी भी लगातार गिरते जा रहा है। दोपहिया सेगमेंट के अधिकतर कंपनियों की बिक्री में बड़ी कमी आई है।

मारुति सुजुकी ने जनवरी महीने में 1,28,924 यूनिट वाहन अपने डीलर्स को भेजे हैं जो कि पिछले साल के मुकाबले 7% कम है। दूसरे स्थान पर फिर से हुंडई गयी है, इसकी बिक्री में 15% की बढ़त दर्ज की गयी है।

वहीं टाटा मोटर्स ने डीलर्स को बीते महीने 51% अधिक वाहन भेजे हैं। इसके बाद महिंद्रा किया रही है, इनकी बिक्री में क्रमशः 3% की कमी 1% की वृद्धि दर्ज की गयी है।

जहां बीता महीना भारतीय में निसान, फॉक्सवैगन, स्कोडा, एफसीए, एमजी मोत्प्र के लिए अच्छा रहा है, वहीं मारुति सुजुकी हुंडई के साथ साथ रेनॉल्ट, होंडा टोयोटा जैसी कंपनियां बुरी तरह से प्रभावित हुई है।

कंपनियों ने जानकारी दी है कि चिप की कमी के चलते उत्पादन में कमी आई है जिसके फलस्वरूप डिलीवरी भी अनुमान के अनुरूप नहीं किये जा सके, हालांकि कंपनियों को बुकिंग अच्छी मिल रही है।

पेट्रोल डीजल वाले वाहनों की बिक्री में जहां लगातार कमी रही है, वहीं ग्राहकों का रुझान सीएनजी इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ा है। अब देखना होगा 2022 में सीएनजी इलेक्ट्रिक का रजिस्ट्रेशन कैसा रहता है।

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