रिंग में सतीश कुमार ने दिखाई ' इंडियन आर्मी की भावना', विपक्षी मुक्केबाज ने भी किया सलाम

My Khel via Dailyhunt

सतीश कुमार ने बखोदिर जलोलोव के खिलाफ माथे और ठुड्डी पर कई टांके लगाए। 32 वर्षीय ने एक शानदार प्रदर्शन किया, और अपनी ' भारत सेना की भावना' दिखाई।

सतीश कुमार ने दिखाई इंडियन आर्मी की स्पिरिट- साहसी आर्मी बॉक्सर अपनी जमीन पर खड़ा था, कभी- कभी अपने दाहिने हाथ से एक- दो शॉट लगाने में कामयाब होता था। जलोलोव ने बाउट के अंत में सतीश कुमार की बहादुरी को स्वीकार किया।

2008 में रानीखेत के एक किस्से ने बॉक्सर बना दिया- सतीश 2008 में रानीखेत में सेना में एक सिपाही के रूप में शामिल होने के शुरुआती दिनों के दौरान मुक्केबाजी से परिचित हुए थे। उन्होंने बैक- टू- बैक कांस्य पदक ( 2014 एशियाई खेल और 2015 एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप) जीते हैं।

पुरुष बॉक्सरों में सतीश ही कुछ दम दिखा सके। अमित पंघाल ( 52 किग्रा), मनीष कौशिक ( 63 किग्रा), विकास कृष्ण ( 69 किग्रा), और आशीष चौधरी ( 75 किग्रा) नौ- मजबूत टीम में से शुरुआती दौर में हार के साथ बाहर हो गए हैं।

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