शराब पीकर ड्राइव करने से रोकेंगी कारें, होने वाला है नई तकनी का इस्तेमाल भारत में सड़क दुर्घटनाएं काफी आम हैं और हर साल सड़क दुर्घटनाओं में लाखों लोगों की जान चली जाती है। सरकार ने भी कार निर्माता कंपनियों को कुछ सुरक्षा फीचर्स स्टैंडर्ड तौर पर देने के निर्देश दिए हैं।

Drive Spark via Dailyhunt

भारत में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के बड़े कारणों में से एक नशे में वाहन चलाना भी है, इसके लिए सरकार ने कई तरह नियम लागू किए हुए हैं। लेकिन अब ताजा जानकारी के अनुसार आने वाले समय में कार निर्माता कंपनियां कुछ नई तकनीकों का इस्तेमाल करने वाली हैं।

हालांकि इस तकनीक का इस्तेमाल फिलहाल भारत में नहीं होने वाला है, लेकिन अगर यह तकनीक भारत आती है तो यह दुर्घटनाओं को कम करने में काफी मददगार हो सकती है। बता दें कि अमेरिकी सीनेट जल्द ही एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के बिल पर मतदान करने वाली है।

इन बिंदुओं में एक बिंदु यह भी है कि चालक के नशे में होने का पता लगाने वाली तकनीक को कारों में अनिवार्य किया जाए। ड्राइविंग अंडर इंफ्लुएंस ( डीयूआई) की घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से अमेरिका में ड्रिंक एंड ड्राइव को एक गंभीर अपराध घोषित किया जाएगा।

कई सुरक्षा उपायों को सूचीबद्ध करने वाला बुनियादी ढांचा विधेयक अमेरिकी सीनेट में मतदान के लिए निर्धारित है। इस नियम के तहत अगर कोई ड्राइवर थोड़ी या ज्यादा शराब का सेवन करके वाहन चलाता है तो ऐसे में उसे अत्यंत कठोर दंड का सामना करना पड़ेगा।

कार में ऐसी तकनीक का इस्तेमाल करने का मतलब है कि यह तकनीक ड्राइवर्स को शराब का सेवन करने के बाद कार को सड़क पर ले जाने से रोकेगी। अमेरिका के राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात सुरक्षा प्रशासन द्वारा इस जून में कुछ आंकड़े जारी किए गए थे।

डीयूआई की तुलना में पिछले वर्षों की संख्या सड़कों पर होने वाली मौतों का एक प्रमुख कारण है। यूएस में शराब के कारण ड्राइविंग दुर्घटनाओं के कारण 10,497 लोगों की मौत हुई है।

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की रिपोर्ट के अनुसार यहां सड़क दुर्घटना से संबंधित सभी मौतों में ड्रिंक एंड ड्राइव से 28 प्रतिशत मौतें हुई हैं। वहीं भारत की बात करें तो यहां पर बीते साल सड़क दुर्घटनाओं में 1,12,215 लोगों की मौत हुई हैं।

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