टेस्ला ने केंद्र सरकार से आग्रह किया था की भारत में मंगाई जाने वाली इलेक्ट्रिक कारों पर इम्पोर्ट ड्यूटी को 40 प्रतिशत किया जाए। टेस्ला ने कहा था कि वाहन भारत में केवल आयातित ( Imported) कारों को ही बेचेगी।

Drive Spark via Dailyhunt

संसद मानसून सत्र में केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने इस बारे में लोकसभा ( Lok Sabha) में कहा। भारी उद्योग मंत्रालय ही ऑटो इंडस्ट्री के लिए पॉलिसी बनाता है।

मॉनसून सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्री गुर्जर ने कहा कि सरकार इलेक्ट्रिक कारों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। इनमें घरेलू टैक्स में कमी और चार्जिंग स्टेशन की संख्या बढ़ाना शामिल है।

केंद्र सरकार और टेस्ला के प्रमुख एलन मस्क के बीच इस मसले को लेकर वार्तालाप जारी है। सरकार देश में इलेक्ट्रिक कारों का उत्पादन बढ़ाने पर जोर देना चाहती है।

टेस्ला ने इम्पोर्ट ड्यूटी को 40 फीसदी करने का किया था आग्रहबता दें कि टेस्ला ने जुलाई, 2021 में परिवहन मंत्रालय और उद्योग मंत्रालय को एक चिट्ठी लिखी थी। अभी भारत में इलेक्ट्रिक कारों पर आयात शुल्क 60 से लेकर 100 फीसदी है।

वर्तमान में भारत में आयत होने वाली इलेक्ट्रिक कारों पर 60 प्रतिशत आयत शुल्क लिया जाता है। वहीं, 40,000 डॉलर से अधिक कीमती कारों पर आयत शुल्क 100 प्रतिशत है।

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मार्च में कहा था कि अगर टेस्ला भारत में स्थानीय तौर पर इलेक्ट्रिक कारों का उत्पादन शुरू करने के लिए तैयार होगी, तो सरकार कंपनी को प्रोत्साहन दे सकती है ताकि चीन के मुकाबले भारत में इलेक्ट्रिक कारों का उत्पादन सस्ता हो सके।

पूरी कहानी देखें