केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर रजिस्ट्रेशन फीस को माफ कर दिया है। सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने एक सूचना जारी कर बताया कि बैटरी से चलने वाले सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को रजिस्ट्रेशन और रिन्यूअल शुल्क से मुक्त कर दिया गया है।

Drive Spark via Dailyhunt

यहां कोविड से संबधित सभी नए अपडेट पढ़ें

मंत्रालय के इस फैसले के बाद अब इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले ग्राहक रजिस्ट्रेशन शुल्क की बचत कर सकते हैं। बता दें कि केंद्र सरकार के साथ कई राज्य सरकारें भी अपनी इलेक्ट्रिक वाहन नीतियों के तहत बैटरी से चलने वाले वाहनों के रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट दे रही हैं।

केंद्र सरकार की तरफ से यह फैसला तब आया है जब देश भर में ईंधन की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। सरकार ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए अधिक लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों पर स्विच करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार है धीमी। इसका बड़ा कारण देश में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और लोगों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों की रेंज को लेकर उलझन को माना जा रहा है।

सरकार ने पिछले कुछ सालों से देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल इकोसिस्टम का काफी तेजी से विकास किया है। केंद्र सरकार फेम- 2 ( FAME- 2) स्कीम की मदद से इलेक्ट्रिक वाहनों पर लगने वाले रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पर छूट दे रही है।

इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को प्रोत्साहित करने के लिए बैटरी से चलने वाले सभी वाहनों पर जीएसटी दर ( GST Rate) को 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है। इसके अलावा कई राज्य सरकारें भी सब्सिडी और छूट देकर इलेक्ट्रिक वाहनों के उतपादन और बिक्री को प्रोत्साहित कर रही हैं।

वित्तीय वर्ष 2020 में कुल 2,95,497 यूनिट इलेक्ट्रिक वाहन बेचे गए थे। वित्तीय वर्ष 2021 में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 19 फीसदी गिर कर 2,38,120 यूनिट रह गई।

साल- दर- साल आधार पर इलेक्ट्रिक टू और थ्री- व्हीलर की बिक्री घटकर क्रमशः 1,43,837 यूनिट ( -5.37%) और 8, 8,378 यूनिट ( -59%) रह गई। इलेक्ट्रिक टू- व्हीलर की मांग का बड़ा हिस्सा वित्त वर्ष 2021 में लो- स्पीड मॉडल ( 1,03,000 यूनिट) से आया, जबकि इसी अवधि में 40,836 हाई- स्पीड मॉडल खरीदे गए।

पूरी कहानी देखें