चीनी की जगह खाएं खांड, नहीं होंगे शरीर को नुकसान, जानें कैसे बनती है खांड। पुराने जमाने में लोग चीनी नहीं देसी खांड का इस् तेमाल करते थे।

Boldsky via Dailyhunt

बेहतर पाचन की वजह से

बेहतर पाचन की वजह से
खांड खाने से आपको डाइजेशन भी अच्‍छा रहा है क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर होता है। इसलिए अगर आप भी पेट संबंधी समस्‍याओं से दो चार हैं तो खांड बेहतर पाचन में मददगार हो सकती है।

हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ाए

हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ाए
खांड में फाइबर होता है, जो कि शरीर में हेल्दी गट बैक्टीरिया को बनाने में मदद करता है। खांड में मौजूद आयरन खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा के लिए जरूरी है। जिससे एनिमिया की समस्‍या नहीं होती है।

अर्थराइटिस की समस्‍या ये बचाएं

अर्थराइटिस की समस्‍या ये बचाएं
खांड में मैग्‍नेशियम कैल्शियम से भरपूर होता है। हड्डियों और दांतों के स्वास्थ्य के लिए कैल्शियम आवश्यक है। ये जोड़ों के दर्द, अर्थराइटिस जैसी समस्याओं को दूर रखता है।

क्या है देसी खांड

देसी खांड भी गन्ने के रस से ही बनती है, जिससे शक्कर बनी होती है। खांड गन्ने के रस का कम रिफाइंड रूप है, जिस वजह से इसके पोषक तत् खत् नहीं होते है।

कैसे बनती है खांड?

चीनी के उपयोग की वजह से धीरे- धीरे इसका इस् तेमाल कम हो गया है।

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