मुंबई की ये कंपनी लाॅन्च करेगी देश की पहली ड्राइवर लेस कार, एआई तकनीक से होगी संचालित

Drive Spark via Dailyhunt

मुंबई स्थित ऑटोमोबाइल कंपनी ऑटोनॉमस इंटेलिजेंस मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड ( AIMPL) ने बुधवार को घोषणा की है कि वह अगले साल देश में एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस संचालित ऑटोनॉमस कार लॉन्च करेगी। पेट्रोल और डीजल पर चलने वाली यह चालक रहित कार अगले साल मार्च में भारत में लॉन्च की जाएगी।

यह अपनी तरह की पहली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस संचालित ऑटोनोमस कार होगी जो भारत स्टेज- 8 यानी बीएस- 8 अनुसरित पेट्रोल और डीजल इंजन को पेश करेगी। इसके अलावा इस कार को इलेक्ट्रिक मॉडल में भी लाया जाएगा।

स्वचालित प्रणाली से चलने वाले इन कारों में सेंसर, कैमरा और राडार लगाए जाएंगे जिससे सड़क पर आस- पास के डाटा को संगृहीत कर इसका उपयोग किया जाएगा। यह सिस्टम सड़क की गड्ढों, उतार- चढ़ाव, रूट और लेन पर भी नजर रखेगा।

वाहन में लगे सेंसर आपातकालीन डायवर्जन, रोडब्लॉक, ट्रैफिक, मौसम की स्थिति, भारी वर्षा जैसी असंख्य बाधाओं की पहचान करने की सक्षम होंगे।

ये सेंसर स्कूटर या टैक्सियों को भी पहचान भी पहचान सकते हैं, साथ ही गलियों में चल रहे छोटे वाहन या हाथ से चलाये जाने वाले वाहनों को भी पहचानने में भी सक्षम होंगे। इसके अलावा ये सेंसर ट्रैफिक में अचानक से सामने आने वाहनों पर भी नजर रखेंगे।

सेंसर की मदद से चालक रहित कार किसी सामान्य स्थिति की तुरंत पहचान कर सकती है और लगभग 500 मीटर की दूरी भी तय कर सकती है। वाहन 50 फीसदी गूगल मैप्स पर और बाकी कंपनी के सेंसर्स पर निर्भर होगा।

AIMPL की ड्राइवरलेस हैचबैक में इस्तेमाल की जा रही स्वायत्त ( ऑटोनोमस) तकनीक को पहली बार 2014 में आईआईटी बॉम्बे में आयोजित नेशनल रोबोटिक्स चैंपियनशिप ( NRC) में कंप्यूटर टेक्नोलॉजी के छात्र कुशाल तानाजी शिलिमकर द्वारा प्रदर्शित किया गया था।

उस समय शिलिमकर अपने फुल- स्टैक ड्राइवरलेस ऑटोमोबाइल प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।

उन्होंने पहले एक प्रोटोटाइप पर काम किया और एनआरसी में नियंत्रित वातावरण में अपने एआई- संचालित स्वायत्त वाहन का परीक्षण किया। उन्होंने कृत्रिम रूप से सभी बुनियादी सड़क परिदृश्य बनाए ताकि प्रौद्योगिकी के पैदल यात्री नियंत्रण प्रणाली और टक्कर से बचाव प्रणाली की प्रभावकारिता का आकलन किया जा सके।

शिलिमकर की कंपनी वर्तमान में भारतीय उपभोक्ताओं के लिए एक सुरक्षित और विश्वसनीय ऑटोनॉमस ड्राइविंग तकनीक विकसित कर रही है। इस ऑटोमैटिक कार को परीक्षण के दौरान ही हजारों किलोमीटर तक चलाया जा चुका है।

शिमिलकर का कहना है कि कुछ ही महीनों के भीतर भारत की पहली चालक रहित कार हमसब के सामने होगी।( तस्वीरें सांकेतिक हैं)

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