अटेंशन लेडीज! आंखों को अट्रेक्टिव बनाने के आईलैश एक्‍सटेंशन पड़ सकता है आपको महंगा, हो सकती हैं ये दिक्‍कतें

Boldsky via Dailyhunt

शादी के इस मौसम में हर कोई सुंदर दिखने में कोई कमी पेशी नहीं छोड़ता हैं। त्‍योहार हो या पार्टी हर कोई खूबसूरत और ग्‍लैमर दिखने के ल‍िए हर तरह की कोशिश करता है।

सुंदर दिखने के ल‍िए लोग घंटो पालर्स में गुजारते है। लुक में कोई कमी- पेशी रह जाए इस बात का पूरी तरह ध्‍यान रखते हैं। इन दिनों आंखों की खूबसूरती को बढ़ाने के ल‍िए लोग आईलैश एक्‍सटेंशन का सहारा लेने लगे है जो आपकी आंखों की खूबसूरती चार- चांद लगा देता है।

लेक‍िन इसे करवाते वक्‍त ध्‍यान रखना बेहद जरुरी है वरना इसके साइडइफेट भी हो सकते हैं ।

असली आईलैश को पहुंच सकता है नुकसान आईलैश एक्सटेंशन आपके आंखों की परतों और पलकों के पास क‍िया जाता है। यहां पर नकली पलकों को चिपकाया जाता है। एक्‍सटेंशन में आपको चमकीली, लंबी और मोटी पलके मिलने की वजह से आपके असली पलकों पर असर पड़ सकता है।

एक्‍सटेंशन के दौरान आमतौर पर आपके प्राकृतिक लैश लाइन पर पहले से चिपके हुए क्लस्टर पर चिपके रहते हैं। यह आपके प्राकृतिक लैशेस को पूरी तरह से नष्ट कर सकता है।

हम में से कई लोग सोचते हैं कि हाई मेकअप ब्रांडों से पलकों का उपयोग करने से उनकी आंखों को कोई नुकसान नहीं होगा, तो आपको यह जानना जरुरी है क‍ि आईलैश एक्सटेंशन ग्लू में फॉर्मलाडेहाइड होता है।

कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस ब्रांड के प्रोडक्‍ट का इस्‍तेमाल कर रहे हैं, इस एक घटक की वजह से आपको एक्‍सटेंशन के दौरान आपको जैसी प्रॉब्‍लम हो सकती है।

यदि आप लंबे समय से आईलैश एक्सटेंशन का उपयोग कर रहे हैं, तो अब तक आप इससे होने वाली जलन और खुजली से अच्छी तरह वाकिफ हो सकते हैं।

आई एक्‍सटैंशन के दौरान पलकों पर चिपकाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला रासायनिक गोंद कई बार गंभीर जलन और एलर्जी का कारण बन सकता है। जिसकी वजह से खूब होता है।

आईलैश एक्सटेंशन की वजह से आंखों में संक्रमण भी हो सकता हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप जिस सैलून में जाती हैं, वहां लैश एक्सटेंशन के एप्लिकेशन टूल और बॉन्डिंग एजेंट्स का उपयोग क‍िया जाता है जो आपकी आंखों के संपर्क में कई बार आते हैं।

जिनकी वजह से आपको जैसे प्रॉब्‍लम हो सकती है।

आई एक्‍सटेंशन के बाद आपको पानी, तेल आधारित उत्पादों, सफाई करने वालों और क्रीम से बचने के लिए लगभग 24 घंटों का निर्देश दिया जाता है, लोग अक्सर इन आवश्यक सफाई गतिविधियों को छोड़ देते हैं।

इसके कारण आपकी पलकों और एक्सटेंशन में फंसी गंदगी और बैक्टीरिया को बचने का रास्ता नहीं मिल पाता है और इसलिए पलकों के जड़ों पर उन तेल ग्रंथियों को अवरुद्ध कर देता है। इस रुकावट के कारण आंखों में नमी की कमी हो जाती है और परिणामस्वरूप सूखी आंखें हो जाती हैं।

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