दिल्ली में चलाते हैं गाड़ी? जान लें यातायात के नए नियम और जुर्माने की शर्तें

Drive Spark via Dailyhunt

ट्रैफिक नियमों में सुधार लाने और सड़क वाहन चालकों की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 1 सितंबर 2019 को संशोधित मोटर वाहन अधिनियम को लागू किया था।

इस अधिनियम का पालन देश के कई शहरों में उक्त तिथि से किया जाने लगा। यहां कोविड से संबधित सभी नए अपडेट पढ़ेंसंशोधित मोटर वाहन अधिनियम को दिल्ली में प्रमुखता से लागू किया गया।

नए नियमों के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माने को बढ़ाया गया है, साथ ही कानून में नए सुरक्षा नियम भी जोड़े गए हैं।

संशोधित मोटर वाहन अधिनियम में ऐसे कई नियम हैं, जिनके आधार पर जुर्माना या चालान तय किया जाता है। अगर आप दिल्ली में गाड़ी चलाते हैं तो आपको नए ट्रैफिक नियमों के बारे में जरूर जानना चाहिए।

दिल्ली में यातायात नियम का उल्लंघन पर ये है जुर्माना - बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने पर 5,000 रुपये का जुर्माना या तीन महीने की सामुदायिक सेवा का शुल्क लिया जा सकता है।

- नशे में वाहन चलाने पर 10,000 रुपये का चालान या छह महीने की जेल हो सकती है। अपराध की तीव्रता के आधार पर, 15,000 रुपये का जुर्माना या 3 महीने की जेल हो सकती है।

- ओवर स्पीडिंग के मामले में, हल्के मोटर वाहन के लिए 1,000 रुपये का जुर्माना हो सकता है। वहीं, चारपहिया या भारी वाहन के मामले में 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

- यातायात से संबंधित किसी अन्य नियम या कानून का उल्लंघन करने पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।

- नाबालिग बच्चों को स्कूटी, बाइक या कार या कोई भी अन्य हल्का या भारी मोटर वाहन देने पर 25,000 रुपये का चालान या 3 साल की जेल हो सकती है। इस अपराध में वाहन का रजिस्ट्रेशन भी रद्द किया जा सकता है।

- दिल्ली में बिना वैद्य पोल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट, यानी पीयूसी के वाहन चलाते पकड़े जाने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना या 6 महीने की जेल हो सकती है।

दिल्ली में RTO की सभी सेवाएं हुईं ऑनलाइन बता दें कि हाल ही में दिल्ली सरकार ने आरटीओ ( RTO) द्वारा दी जाने वाली सभी सेवाओं को फेसलेस कर दिया है।

फेसलेस सेवाओं के शुरू होने के बाद अब ड्राइविंग लाइसेंस आवेदक को केवल ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट और पीयूसी प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए परिवहन विभाग के कार्यालय जाना होगा।

दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग ने कुल 33 सेवाओं को ऑनलाइन किया है। इनमें डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस, पते में परिवर्तन, नया कंडक्टर लाइसेंस शामिल हैं।

जानिए परिवहन मंत्रालय की क्या है योजना सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने इस संबंध में जून 2021 में एक अधिसूचना जारी की थी।

इसमें बताया गया था कि जल्द ही केंद्र सरकार वाहन पीयूसी के एक केंद्रीय डाटाबेस तैयार करेगी, जिसके बाद देशभर में समान प्रदूषण नियंत्रण नियमों को लागू किया जाएगा। वाहनों के डेटाबेस को नेशनल रजिस्टर से जोड़ा जाएगा।

बता दें कि कोरोना महामारी के दौरान RTO की अधिकतर सेवाएं ऑनलाइन हो चुकी हैं। लर्नर लाइसेंस बनवाने से लेकर रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, परमिट और रोड टैक्स से जुड़ी सेवाएं ऑनलाइन शुरू की गई हैं।

अब ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन कर दिया गया है।

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