सेमीकंडक्टर की वैश्विक कमी से वाहन कंपनियां परेशना, Toyota अपने 5 प्लांट में बंद करेगी उत्पादन

Drive Spark via Dailyhunt

वैश्विक ऑटोमोबाइल बाजार में सेमीकंडक्टर चिप की कमी अगले साल भी जारी रहने का अनुमान है।

कार कंपनियों के पास सेमीकंडक्टर की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से उत्पादन बाधित है और डिलीवरी में कमी रही है। यहां कोविड से संबधित सभी नए अपडेट पढ़ेंदुनिया की सबसे बड़ी कार निर्माता टोयोटा भी इस सेमीकंडक्टर से जूझ रही है।

कंपनी ने पहले ही चिप की कमी के चलते अपने वैश्विक उत्पादन के लक्ष्यों को कम करने की घोषणा की थी। अब एक ताजा रिपोर्ट में कंपनी खुलासा किया है कि वह जनवरी 2022 में अपने पांच प्लांट में कारों का उत्पादन बंद रखेगी।

टोयोटा ने अगले साल 90 लाख वाहनों के उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जो कि पहले निर्धारित किये गए 90 लाख 30 हजार यूनिट्स में से 30,000 यूनिट कम है।

हालांकि, कंपनी का कहना है कि पांच निर्माण सुविधाओं में उत्पादन में रुकावट समग्र लक्ष्य को प्रभावित नहीं करेगा और 30,000 वाहनों के उत्पादन को कम समय में पूरा कर लिए जाएगा।

टोयोटा जनवरी 2022 में 8 लाख वाहनों के उत्पादन का लक्ष्य को लेकर चल रही है जो कि जनवरी 2021 के उत्पादन के मुकाबले 60,000 यूनिट अधिक है।

टोयोटा दुनिया की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी है, लेकिन अन्य प्रमुख ब्रांडों की तरह, चिप की कमी के कारण कंपनी उत्पादन के लक्ष्यों से पीछे चल रही है।

कंपनी ने बताया है कि उत्तरी अमेरिका में उसका उत्पादन जनवरी में घटकर 50,000 यूनिट रह जाएगा। यह देखा जाना बाकी है कि क्या चिप की कमी का संकट टोयोटा के इलेक्ट्रिक वाहनों की व्यापक योजनाओं को संभावित रूप से प्रभावित करता है।

कंपनी ने हाल ही में अपने वैश्विक लाइनअप में 16 बैटरी चालित वाहनों को उतारने की अपनी योजना की घोषणा की है।

कंपनी अगले साल अमेरिकी बाजार में bZ 4 X को लॉन्च करने वाली है जिसके बाद कई अन्य मॉडल लॉन्च होंगे, जिनमें एक ऑल- इलेक्ट्रिक मिडसाइज सेडान और एक बड़ी इलेक्ट्रिक एसयूवी शामिल है।

लेकिन आपूर्ति और उत्पादन की तात्कालिक चुनौती कंपनी की आगामी योजनाओं के लिए बाधा बन सकती है।

टोयोटा ने भारत में नवंबर 2021 की बिक्री के आंकड़ों को साझा किया है। कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार नवंबर 2021 में कंपनी ने 13,003 यूनिट्स कारों की बिक्री की है। यह नवंबर 2020 में बेची गई 8,508 यूनिट्स की तुलना में 53 प्रतिशत अधिक है।

कंपनी की इस साल नवंबर की बिक्री अक्टूबर की बिक्री से भी अधिक रही, अक्टूबर 2021 में कुल 12,440 यूनिट कारों की बिक्री की गई थी।

इनपुट लागत बढ़ने से महंगी हुई कारें Toyota अपने वाहनों की कीमत 1 जनवरी से बढ़ाने जा रही है। कंपनी ने कहा कि कच्चे माल की कीमत बढ़ने से इनपुट लागत बढ़ गई है जिसकी वजह से वाहनों की कीमत में वृद्धि की जा रही है।

लेकिन इसके साथ भी ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि इसका न्यूनतम प्रभाव उनपर पड़े इसके लिए उचित कदम उठाये गये हैं। कंपनी कारों की कीमत में कितनी वृद्धि करने वाली है इसका खुलासा नहीं किया गया है।

बता दें कि हर साल वाहन कंपनियां मॉडलों की कीमतों में इजाफा करती हैं। लेकिन इस साल कोरोना महामारी के दौरान आपूर्ति में कमी के वजह से इनपुट लागत तेजी से बढ़ा। इस वजह से कंपनियों ने इस साल कई बार कीमतों में बढ़ोतरी की।

इस साल के आखरी महीने में वाहन कंपनियों की कीमत वृद्धि की घोषणा से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह सिलसिला अगले साल भी जारी रहने वाला है।

टोयोटा दे रही है भारी छूट साल के अंतिम महीने में टोयोटा किर्लोस्कर मोटर्स अपने ग्राहकों के लिए भारी छूट ऑफर्स की पेशकश कर रही है। टोयोटा अपने ग्लैंजा, अर्बन क्रूजर, इनोवा क्रिस्टा मॉडल्स पर 22,000 रुपये तक की छूट का लाभ उठाने का मौका दे रही है।

कंपनी इन मॉडलों पर आकर्षक फाइनेंस बेनिफिट भी उपलब्ध कर रही है।

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