वेदांता ग्रुप चिप निर्माण में करेगी 60,000 करोड़ रुपये का निवेश, वाहन कंपनियों को मिलेगी राहत

Drive Spark via Dailyhunt

देश में चल रहे सेमीकंडक्टर की किल्लत से वाहन कंपनियों को निजात दिलाने के लिए वेदांता समूह सामने आई है। समूह ने भारत को सेमीकंडक्टर का प्रोडक्शन हम बनाने का फैसला किया है।

वेदांत ग्रुप के प्रमुख अनिल अग्रवाल ने देश में सेमीकंडक्टर का निर्माण शुरू करने के लिए 60 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा की है। यहां

ोविड से संबधित सभी नए अपडेट पढ़ेंयह निवेश अगले तीन सालों में किया जाएगा।

कंपनी की यह घोषणा भारत सरकार द्वारा देश में सेमीकंडक्टर निवेश लाने के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव ( PLI) योजना की घोषणा के कुछ दिनों बाद आई है। सेमीकंडक्टर निर्माण में वेदांत ग्रुप AvanStrate की मदद से आगे बढ़ेगी।

यह एक जापानी सब्सट्रेट निर्माता है जिसका अधिग्रहण 2017 में वेदांत ग्रुप ने Carlyle Group से किया था।

कंपनी कथित तौर पर टीएसएमसी, यूनाइटेड माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक कॉर्प और फॉक्सकॉन, कोरियाई एलजी और सैमसंग और शार्प जैसे वैश्विक सेमीकंडक्टर निर्माताओं के साथ बातचीत कर रही है।

वार्ता के परिणामस्वरूप संयुक्त उद्यम के माध्यम से प्रौद्योगिकी साझेदारी या संयुक्त इक्विटी निवेश हो सकता है।

वेदांता ग्रुप यह निवेश एलसीडी मॉड्यूल प्लांट के अलावा डिस्प्ले ग्लास और फैब्रिकेशन चिप्स के लिए बड़ी सुविधाओं के लिए करेगी। मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए कंपनी को 250 से लेकर 400 एकड़ के जमीन की जरूरत होगी।

सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए दो चरणों में 45,000 से 60,000 करोड़ रुपये के बीच निवेश किया जाएगा, जिसके बाद और विस्तार के लिए बाजार का मूल्यांकन किया जाएगा।

निवेश योजनों को लेकर अवनस्ट्रेट हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक की सरकारों के साथ अपना कारखाना स्थापित करने और प्रोत्साहन के लिए बातचीत के अंतिम चरण में है।

वेदांत ग्रुप का कहना है कि उसे केंद्र सरकार के अलावा राज्य से अतिरिक्त 10 - 15% पूंजी निवेश सहायता प्राप्त करने की उम्मीद है।

2 - 3 साल में शुरू हो सकता है सेमीकंडक्टर चिप का उत्पादन केंद्रीय सुचना एवं प्रोद्यौगिकी मंत्री वैष्णव जैन ने कहा कि अगले 2 - 3 वर्षों में लगभग 10 - 12 कंपनियां सेमीकंडक्टर का उत्पादन शुरू कर सकती हैं।

उन्होंने कहा कि इस दौरान लगभग 50 - 60 डिजाइनिंग और फेब्रिकेशन कंपनियां भी सेमीकंडक्टर उत्पादन से जुड़ जाएंगी। देश में सेमीकंडक्टर चिप का उत्पादन शुरू होने से इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्पोनेन्ट निर्माताओं और वाहन कंपनियों को मदद मिलने की उम्मीद है।

क्या होते हैं सेमीकंडक्टर सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक चिप होते हैं जिन्हें सिलिकॉन से बनाया जाता है। ये कारों के इलेक्ट्रॉनिक सर्किट में करंट को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इनके बिना आज कारों की कल्पना ही नहीं की जा सकती।

मौजूदा समय में बाजार में जितनी भी कारें उपलब्ध हैं, सभी में सेमीकंडक्टर का इस्तेमाल किया जाता है। इनके बिना कारों को हाईटेक नहीं बनाया जा सकता।

कारों में डिस्प्ले पैनल, नेविगेशन, लाइट, पावर स्टीयरिंग और लगभग सभी ऑटोमैटिक फीचर्स में सेमीकंडक्टर का इस्तेमाल किया जाता है। चिप्स की कमी की वजह से ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में सेमीकंडक्टर की भारी कमी हो गई है, इसलिए कारों का उत्पादन तय संख्या में नहीं हो रहा है।

क्यों हुई चिप की किल्लत महामारी के बाद चिप की मांग आसमान छू गई है क्योंकि उपभोक्ता तकनीकी उत्पाद की मांग, जो चिप का भी उपयोग करती है, लॉकडाउन के दौरान तेजी से बढ़ी है। चिप निर्माताओं ने भी अपनी उत्पादन क्षमता को उसी के अनुसार स्थानांतरित कर दिया।

लेकिन बाद में जब ऑटो उद्योग ने लॉकडाउन के बाद परिचालन फिर से शुरू किया, तो माइक्रोचिप्स की मांग में काफी वृद्धि हुई, और एक बड़ा व्यवधान उत्पन्न हुआ क्योंकि चिप निर्माता मांग को पूरा करने में असमर्थ हो गए।

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