47 मिनट के लिए रहस्यमयी तरीके से टूटा चांद पर भेजे गए यान से संपर्क, वैज्ञानिकों की उड़ी नींद
चंद्रमा पृथ्वी के सबसे पास है, जिस पर इंसानों ने कदम भी रखा, लेकिन उसके बहुत से राज अभी अनसुलझे हैं। चंद्रमा की बनावट और अन्य चीजों को समझने के लिए नासा ने आर्टेमिस -1 ( Artemis 1) मिशन लॉन्च किया था।
जिसके तहत ओरियन स्पेसक्रॉफ्ट वहां पर जानकारी जुटा रहा, लेकिन अब उसके साथ एक रहस्यमयी घटना घटी, जिसकी वजह से वैज्ञानिकों की नींद उड़ गई।
47 मिनट नहीं था संपर्क 16 नवंबर को आर्टेमिस- 1 मिशन को लॉन्च किया गया। वैसे तो वो ठीक ढंग से काम कर रहा, लेकिन हाल ही में उसका संपर्क 47 मिनट के लिए नासा के कंट्रोल सेंटर से टूट गया था। इस दौरान वो बिना कंट्रोल के काम करता रहा, हालांकि बाद में सब कुछ सामान्य हो गया।
ये घटना क्यों हुई, इसकी वजह नहीं पता चल पाई है।
कोई नुकसान हुआ? मामले में नासा ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों में कई बार रिकॉन्फिगरेशन किया गया। फिलहाल अब कंट्रोल पूरी तरह से वैज्ञानिकों के हाथ में है।
नासा के इंजीनियर स्पेसक्रॉफ्ट के डेटा की जांच कर रहे, ताकी संपर्क टूटने की वजह का पता लगाया जा सके। इसके अलावा ये भी ध्यान रखा जा रहा कि आगे ऐसी घटना ना हो।
वहीं 47 मिनट वाली घटना पर नासा ने कहा कि उस वक्त स्पेसक्रॉफ्ट संपर्क में तो नहीं था, लेकिन उससे कोई खास नुकसान नहीं हुआ है।
42 दिन करेगा परिक्रमा आपको बता दें कि नासा मंगल पर जीवन की तलाश कर रहा है, वहां पर उसके रोवर दिन- रात डेटा इकट्ठा कर रहे। इसके अलावा नासा की नजर चंद्रमा पर भी है, जहां के लिए उसने आर्टेमिस- 1 मिशन लॉन्च किया है।
इसके तहत ओरियन यान 42 दिनों तक चांद की परिक्रमा करेगा, इसके बाद वो वापस लौटेगा। उससे मिले डेटा के आधार पर इंसानों को दोबारा से चांद पर पहुंचाया जाएगा। NASA को मंगल पर दिखी बत्तख जैसी चीज, क्या ये है एलियंस सभ्यता का सबूत?
कितनी आई लागत? नासा के वैज्ञानिक करीब एक दशक से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। 2012 से 2025 की अवधि में इस पर 7434 अरब रुपये खर्च होंगे। इसके बाद जितनी बार नासा अपना स्पेसक्रॉफ्ट चांद पर भेजेगा, उतनी बार 327 अरब रुपये की लागत आएगी।
वहीं अभी तक 2,949 अरब रुपये इस पर खर्च हो चुके हैं।
By Ashutosh Tiwari Oneindia source: oneindia.com Dailyhunt