रुकावट डालने की सभी कोशिश नाकाम! भारत को 12 और चीते देगा अब ये देश
Kuno National Park: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से आए आठ चीतों के बाद अब यहां दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते आने वाले हैं। कई महीनों के सस्पेंस के बाद आखिरकार इन 12 चीतों के भारत आने का रास्ता साफ हो गया है।
दक्षिण अफ्रीका के वन, मत्स्य पालन और पर्यावरण मंत्री बारबरा क्रीसी ने भारत सरकार के साथ प्रोजेक्ट चीता के लिए समझौते को मंजूरी दे दी है।
समझौते की फाइल अब दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा के पास भेजी गई है, जहां से मंजूरी मिलने के बाद इन 12 चीतों को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
लॉबी ने डाली थी समझौते में रुकावट टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, भारत में चीतों को बसाने के प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से जुलाई 2022 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते भेजने की गुजारिश की गई थी।
हालांकि दोनों देशों में खुद को संरक्षणवादी कहने वाले लोगों की एक लॉबी लगातार इस समझौते के पूरा होने में रुकावट डालती रही, जिसकी वजह से इसमें देर हुई। लेकिन, दक्षिण अफ्रीका सरकार की तरफ से मंजूरी मिलने के बाद अब ये 12 चीते भारत सकेंगे।
8 चीतों के साथ ही रखे जाएंगे ये 12 चीते आपको बता दें कि सितंबर के महीने में ही नामीबिया से 8 चीते मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे। इन चीतों को पहले छोटे बाड़ों में रखा गया और इसके बाद बड़े बाड़ों में शिफ्ट किया गया।
फरवरी तक इन्हें खुले जंगल में छोड़ दिया जाएगा। अब दक्षिण अफ्रीका से आने वाले इन 12 चीतों को भी इसी कूनो नेशनल पार्क में ही छोड़ा जाएगा। शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका से आने वाले चीतों के शिपमेंट को भी नामीबिया के साथ ही रखने की योजना थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
Kuno national park: बड़े बाड़े में पहुंच गए सभी 8 चीते, अब फरवरी तक खुले जंगल में छोड़ने की तैयारी
कूनो पार्क में रह सकते हैं अधिकतम 21 चीते कूनो नेशनल पार्क के लिए दक्षिण अफ्रीक से जो 12 चीते लाए जाने हैं, उनमें से 9 चीतों को लिंपोपो प्रांत के रूइबर्ग में क्वारंटाइन किया गया है। जबकि, बाकी तीन चीते क्वाजुलु- नटाल प्रांत के फिंडा में क्वारंटाइन हैं।
यहां यह जानना भी दिलचस्प है कि कूनो नेशनल पार्क में अभी ज्यादा से ज्यादा 21 चीते रह सकते हैं। लेकिन, दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों के आने के बाद कूनो नेशनल पार्क की क्षमता को बढ़ाया जाएगा।
By Dharmender Kumar Oneindia source: oneindia.com Dailyhunt