फुटबॉल वर्ल्डकप जीतने वाले अर्जेंटीना को कितना जानते हैं आप? मेसी के देश में कचरा खाते लोग
भारत ने 1983 के बाद क्रिकेट वर्ल्ड कप जीता।
पूरा अर्जेंटीना ने आखिरी पेनल्टी बचाई, ठीक वैसे ही पूरा अर्जेंटीना के जश्न में डूबा हुआ है और राजधानी ब्यूनस आयर्स की सड़कों पर देर रात तक " एगुआंटे अर्जेंटीना ( अर्जेंटीना जिंदाबाद)" के नारे लग रहे थे।
जैसे ही अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने के दम पर मेसी ने फाइनल कैसे जीता।
अर्जेंटीना ने शुरूआती दो गोल दागकर जीत हासिल की ली है।
लेस ब्लूस ने हार मानने से इनकार कर दिया और किलियन एम्बाप्पे के एक दो गोल ने अर्जेंटीना के सभी प्रशंसकों को निराश कर दिया।
आखिरी विश्व कप अर्जेंटीना ने 1986 में जीता था और फुटबॉल विश्वकप में मिली ये जीत अर्जेंटीना के लिए काफी मायने रखता है।
दक्षिण अमेरिकी राष्ट्र अर्जेंटीना भारी महंगाई में फंसा हुआ है, जिसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था पर काफी गहर नुकसान पहुंचा है।
पिछले गुरुवार को ही जारी INDEC स्टेटिक्स इंडेक्स में अर्जेंटीना का प्राइस इंडेक्स 6 प्रतिशत तक पहुंच गया था, जो पिछले 6 महीने के मुकाबले 88 प्रतिशत ज्यादा है।
हाल के वर्षों में बेघर लोगों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है और कचरों के डिब्बों से खाना खोजकर जीवनयापन करने की कोशिश करने वालों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है।
वाशिंगटन पोस्ट का अनुमान है कि, ' देश की लगभग 40 प्रतिशत आबादी अब गरीबी रेखा से नीचे रहती है।'
अर्जेंटीना में राजनीति अस्थिरता विश्व कप की जीत अर्जेंटीना के लिए भी महत्वपूर्ण है।
क्रिस्टीना किरचनर को भ्रष्टाचार के आरोप में छह साल की जेल की सजा सुनाई गई है।
अर्जेंटीना में 1930 के बाद राजनीतिक अस्थिरता मच गई, जब सेना ने पिछले 7 दशकों से चल रही नागरिक लोकतांत्रिक सरकार का तख्तापलट कर दिया था, लिहाजा उसके बाद से देश की आर्थिक स्थिति लगातार खराब ही रही।
1980 के दशक में अर्जेंटीना विदेशी कर्ज में पूरी तरह से डूब गया था और देश की अर्थव्यवस्था की तीन चौथाई हिस्सा कर्ज से भर गया था।
साल 2005 तक अर्जेंटीना की अर्थव्यवस्था काफी सुधर भी गई, लेकिन एक बार फिर से 2008 में देश आर्थिक संकट में फंस गया और 2014 में अर्जेंटीना फिर से डिफॉल्ट हो गया।
नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री साइमन क़ुज़नेत्स ने अर्जेंटीना की अर्थव्यवस्था को लेकर दिलचस्प बात कही थी।
By Abhijat Shekhar Azad Oneindia source: oneindia.com Dailyhunt