चीन में कम पड़ रही है अंतिम संस्कार के लिए जगह, तीन वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ रहा है कोरोना
चीन से ही तीन साल पहले कोरोना ने दुनिया भर को तबाह करना शुरू किया था। चीन खुद इस वायरस की वजह से अबतक के सबसे खतरनाक दौर में पहुंच गया है।
वहां चारों ओर हाहाकार मचा हुआ है। कब्रिस्तानों के बाहर शव वाहनों की कतारें लगी हैं। घंटों तक इंतजार के बाद भी एंट्री नहीं मिल रही है।
चीन के वुहान से कोरोना वायरस के निकले ठीक तीन साल हो रहे हैं और यह देश इस समय महामारी की सबसे भयानक लहर को झेलने को मजबूर है।
अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी एएफपी की एक रिपोर्ट के हवाले से जानकारी मिल रही है कि अधिकारियों के लिए अब शवों को ट्रैक करना असंभव हो गया है।
इस बीच अमेरिका ने चेतावनी दी है कि चीन में कोविड का यह प्रकोप अब पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन चुका है।
क्योंकि, इससे भविष्य में भी वायरस के म्यूटेशन का खतरा बढ़ गया है और यह चीनी अर्थव्यवस्था के लिए भी बहुत बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
हाल के दिनों में शवों की संख्या कई गुना बढ़ गई है।
दक्षिणी शहर गोंग्झोऊ के जेंग्चेंग में एक कब्रिस्तान कर्मचारी ने बताया कि वे रोजाना 30 शवों को दफना रहे हैं।
उस कर्मचारी का कहना था, ' हमारे पास दूसरे जिलों से शव रहे हैं। दूसरा कोई विकल्प नहीं है।'
जेंग्चेंग के एक दूसरे कब्रिस्तान की हालत और भी बदतर थी।
वहां के कर्मचारी ने कहा, ' पिछले वर्षों के मुताबिक यह तीन से चार गुना ज्यादा व्यस्त है, हम हर दिन 40 से ज्यादा शवों को दफना रहे हैं, जबकि पहले यह सिर्फ एक दर्जन या उतने के करीब ही होता था।'
चीन की राजधानी बीजिंग में सोमवार को स्थानीय अधिकारियों ने कोविड-19 के चलते सिर्फ 5 मौतों की बात मानी है।
लेकिन, इस न्यूज एजेंसी के रिपोर्टरों ने देखा कि शहर के बाहरी इलाके के डोंग्जियाओ कब्रिस्तान के बाहर एक दर्जन वाहन घुसने का इंतजार कर रहे थे, जिनमें से ज्यादातर शव वाहन थे।
चीन में हो रही मौतें कोविड से हो रही हैं, इसकी पुष्टि को लेकर इसलिए अनिश्चितता बढ़ गई है, क्योंकि टेस्टिंग बहुत कम हो चुकी है।
हालांकि, बीजिंग के स्वास्थ्य अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि जिन लोगों की मौत सीधे सांस संबंधी परेशानियों की वजह से होगी, उनकी ही गिनती कोरोना से हुई मौत में की जाएगी।
By Anjan Kumar Chaudhary Oneindia source: oneindia.com Dailyhunt