'केले की दुकान लगाओ, अंडे बेचो', दबाव ना झेलने वाले खिलाड़ियों पर कपिल देव ने की कड़ी टिप्पणी
भारत के महान ऑलराउंडर रहे दिग्गज क्रिकेट कप्तान कपिल देव अपने कुछ कमेंट के लिए आलोचना का शिकार बन जाते हैं।
कपिल ने क्रिकेट के मैदान पर ना आकर मैदान के बाहर से विचार व्यक्त करने का रास्ता चुना है। कपिल ने वहां पर अपनी उपस्थिति बहुत ही कम दर्ज कराई है।
भारत के पहले विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव ने फिर से अपना वही रुख बरकरार रखा है।
पिछले शुक्रवार को कोलकाता में एक सभा को संबोधित करते हुए, पूर्व क्रिकेटर ने एक बार फिर इस विषय पर बात की और कहा कि क्रिकेटरों की वर्तमान पीढ़ी को खेलना बंद कर देना चाहिए यदि वे देश का प्रतिनिधित्व करने का दबाव नहीं उठा सकते हैं।
कपिल देव ने खिलाड़ियों पर " केले का स्टॉल खोलने, या अंडे बेचने" जैसी कड़ी टिप्पणी भी की। कपिल ने कहा, " मैं सुनता रहता हूं।' हम आईपीएल खेल रहे हैं।
बहुत दबाव है।' यह शब्द इतना सामान्य है, है ना? मैं कहता हूं ' मत खेलो'।
दबाव एक अमेरिकी शब्द है कपिल ने आगे कहा, " दबाव एक अमेरिकी शब्द है। यदि आप काम नहीं करना चाहते हैं, तो नहीं करें। क्या कोई आपको मजबूर कर रहा है?
जाकर केले की दुकान लगाओ। अंडे बेचो जा के। लेकिन जब आपको एक अवसर मिला है, आप इसे दबाव क्यों लेते हैं। इसे आनंद के रूप में लें और इसके साथ मजे करें।
जिस दिन आप इसे करना शुरू कर देंगे, काम आसान लगने लगेगा। लेकिन अगर आप इसे दबाव कहते हैं, तो इससे कुछ अच्छा निकलकर सामने नहीं सकता।
कई क्रिकेटरों ने तनाव का हवाला दिया है और खेल से लंबा ब्रेक लिया है।
इंग्लैंड के दिग्गज ऑलराउंडर बेन स्टोक्स सहित कई लोगों ने दबाव पर एक जैसे विचार व्यक्त किए हैं और एक प्रारूप से संन्यास ले लिया है।
विराट कोहली ने भी एशिया कप के लिए टीम में शामिल होने से पहले इंग्लैंड दौरे के बाद ब्रेक लिया।
By Antriksh Singh Oneindia source: oneindia.com Dailyhunt