'पेरेंट्स का परफेक्ट होना है जरूरी', जानें पेरेंटिंग से जुड़े और मिथक
दुनिया के हर महिला पुरुष की लाइफ में सबसे खुशी का पल माता- पिता बनना होता है।
लेकिन एक बच्चे के साथ लाइफ जीना जितना मजेदार होता है, उससे कहीं ज्यादा ये चुनौतियों से भरा होता है। हर साल पेरेंटिंग के मायने हम बदलते हुए देखते हैं।
मिथक 1 - ' बच्चों के साथ सख्ती से आए पेश' बच्चे की पढ़ाई और करियरर को लेकर अक्सर पेरेंट्स उनके साथ सख्ती से पेश आते हैं।
पेरेंट्स को लगता है कि उनके ऐसा करने से बच्चे पढ़ाई में अच्छा स्कोर कर पाएंगे और करियर पर भी पूरी तरह ध्यान लगा पाएंगे।
आपकी सख्ती उन्हें कंट्रोल में रखेगी।
मिथक 2 -' परफेक्ट पेरेंट्स होना जरूरी' दुनिया के हर माता- पिता को अपने आस- पास के लोगों से सिर्फ यहीं सुनने को मिलता है, कि हर पेरेंट्स का परफेक्ट होना जरूरी होता है।
पेरेंट्स को ये कहा जाता है तो आपको परेफेक्ट पेरेंट्स बनना होगा।
मिथक 3 -' बच्चों को टोकना जरूरी' बच्चों को टोकना जरूरी होता है, अक्सर हमने लोगों से ये बात सुनी है। लेकिन ऐसा करने से बच्चों पर गलत असर हो सकता है।
बार- बार बच्चों को टोकने से उनके मन में आपको लेकर डर बन जाता है।
भले ही वो आपके मुताबिक काम करने लगे, लेकिन आपके ऐसा करने से उनके आत्मविश्वास में कमी जाती है।
'बच्चों के सामने घर की सलाह देते हैं। ताकि बच्चों को घर की प्रॉब्लम डिस्कश करने से बचें।
कई बार घर में माता- पिता के अपनी बातों को एक दूसरे के सामने रखने में झगड़े की स्थिति में पहुंच जाती है।
ऐसे में घर के बड़े उन्हें बच्चों से दूर रखने की बातों पर इसका गलत असर हों।
By Katyayani Tiwari Boldsky source: boldsky.com Dailyhunt