मेनोपॉज के बाद भी हो रही ब्लीडिंग तो इस बीमारी के हो सकते हैं संकेत, तुरंत करें डॉक्टर से संपर्क
मेनोपॉज किसी महिला का वो समय होता है जब उसे एक उम्र के बाद मासिक धर्म नहीं आता है। महिलाओं को 50 साल की आसपास की उम्र में मासिक धर्म आना बंद हो जाता है।
कुछ महिलाओं को मेनोपॉज होने के बाद भी ब्लीडिंग होने लगती है। इस कंडीशन को पोस्टमेनोपॉज़ल ब्लीडिंग कहा जाता है। इस स्थिति के कई कारण हो सकते हैं।
साथ ही पोस्टमेनोपॉज़ल ब्लीडिंग की वजह से महिलाओं को कई तरह की बीमारियां भी घेरने लगती हैं, जिसमें एंडोमेट्रियल कैंसर भी शामिल है।
पोस्टमेनोपॉज़ल ब्लीडिंग मेनोपॉज में गर्भाशय या योनि की परत पतली और सूखी हो जाती है जो ब्लीडिंग होने का कारण बन सकती है।
- जब गर्भाशय की परत का मो, टा होती है, जिसे एंडोमेट्रियल हाइपरप्लासिया भी कहते हैं पोस्टमेनोपॉज़ल ब्लीडिंग को भी जन्म दे सकती है।
पोस्टमेनोपॉज़ल ब्लीडिंग महिलाओं में कितना कॉमन है? पोस्टमेनोपॉज़ल रक्तस्राव 55 से अधिक महिलाओं में से लगभग 10% में होता है।
पोस्टमेनोपॉज़ल ब्लीडिंग की वजह से होने वाले कॉम्प्लिकेशन ?- पोस्टमेनोपॉज़ल ब्लीडिंग, रक्तस्राव कैंसर के कारण भी हो सकता है, और इसकी तुरंत जांच कराएं।
- सरवाइकल कैंसर।- एंडोमेट्रैटिस में संक्रमण या सूजन।- मूत्राशय या मलाशय में रक्तस्राव या योनी की त्वचा से ब्लीडिंग।
- योनि में और उसके आसपास के अन्य क्षेत्रों से रक्तस्राव की भी जांच करनी चाहिए, जिसमें मूत्राशय, मलाशय और योनी की त्वचा पर घाव शामिल हैं।
डॉक्टर से संपर्क करें।- अगर आपकी योनि से रक्तस्राव हो रहा हो तो आपने डक्टर से संपर्क करें।
- आपके लास्ट मेन्सुरल साइकिल संप के एक साल के बाद आप डॉक्टर सेर्क करें।
By Asma Fatima Boldsky source: boldsky.com Dailyhunt