Mental Health: इमोशनल डिटैचमेंट कैसे मेंटल हेल्थ को करता है प्रभावित, जाने इससे उबरने के टिप्स
कई बार मेंटल हेल्थ का इस बात से भी नाता होता है कि जब आप किसी ऐसे रिलेशन से काफी इमोशनली जुड़े हों, और वो रिश्ता खत्म कर लें, या आपसे दूर चला जाए, ऐसा भी हो सकता है कि आपका उससे काफी ज्यादा जुड़ाव हो और उसकी मृत्यु हो गई हो।
इमोशनल डिटैचमेंट एक ऐसी अवस्था है जिसमें व्यक्ति इमोशनली खुद को दुनिया से आइसोलेट करने लगता है।
मनोचिकित्सा के नैदानिक और सांख्यिकीय मैनुअल के अनुसार, एक अलग साइकोलॉजिकल कंडीशन के रूप में मान्यता प्राप्त है।
लेकिन ये एक है लक्षण जो ज्यादातर डिप्रेशन के बाद के तनाव से परेशान लोगों में पाया जाता है।
भावनात्मक अलगाव रिश्तों को प्रभावित कर सकता है इमोशनल डिटैचमेंट वाले लोगों के लिए, ये फील करने और पहचानने में असमर्थ होते है कि वो जो कर रहे है, उससे दूसरे क्या प्रतिक्रिया दे रहें हैं।
अपने इमोशन्स को पहचाने साथ ही अच्छी यादों के बारें में बात करें। एक डायरी रखें, जिसमें अपने इस दौरान होने वाली परेशानियों का उल्लेख करें।
क्योंकि आप अपने आप को अधिक जानते हैं। सकारात्मक सोंचे आत्म- जागरूकता बढ़ाएं। उन पर भरोसा बनाएं।
By Asma Fatima Boldsky source: boldsky.com Dailyhunt