श्रीलंका की धरती पर खेली जा रही 'ए' टीमों की वनडे ट्राई सीरीज अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है। तिलक वर्मा की कप्तानी वाली भारतीय-ए टीम पहले ही फाइनल का टिकट कटा चुकी थी, और अब खिताबी मुकाबले में उनका सामना किससे होगा, यह भी पूरी तरह साफ हो गया है।
मेजबान श्रीलंका-ए ने लीग चरण के आखिरी करो या मरो वाले मुकाबले में अफगानिस्तान-ए को 103 रनों के विशाल अंतर से शिकस्त देकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। भारत-ए और श्रीलंका-ए के बीच यह महामुकाबला 21 जून को दांबुला के मैदान पर खेला जाएगा
19 जून को दांबुला में खेले गए लीग स्टेज के आखिरी और निर्णायक मैच में श्रीलंकाई टीम का एकतरफा दबदबा देखने को मिला। श्रीलंका-ए ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बोर्ड पर 322 रनों का मजबूत स्कोर टांग दिया। जवाब में रनों के पहाड़ जैसे दबाव के आगे अफगानिस्तान-ए की टीम टिक नहीं सकी और 42.5 ओवर्स में महज 219 रनों पर ही ढेर हो गई। इस धमाकेदार जीत के साथ ही श्रीलंकाई टीम ने फाइनल में भारत के खिलाफ अपनी जगह पक्की की।
21 जून को होने वाले फाइनल मुकाबले में क्रिकेट जगत की नजरें भारतीय टीम के 15 वर्षीय युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर रहने वाली हैं। वैभव को हाल ही में भारतीय सीनियर टीम के आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे की टी20 सीरीज के लिए स्क्वाड में शामिल किया गया है, जिसके बाद से उनकी लोकप्रियता काफी बढ़ गई है।
हालांकि, इस ट्राई सीरीज में अब तक उनका बल्ला उस तरह नहीं गरजा है जिसके लिए वे जाने जाते हैं।
वैभव ने अब तक खेले 4 मैचों में 29.25 के औसत से 117 रन बनाए हैं।
इस टूर्नामेंट में अभी तक उनके बल्ले से एक भी अर्धशतक नहीं निकला है।
ऐसे में फ्रेंचाइजियों और चयनकर्ताओं की नजरें इस बात पर होंगी कि क्या वैभव फाइनल जैसे बड़े मंच पर एक मैच जिताऊ पारी खेल पाते हैं या नहीं।
भारतीय-ए टीम के लिए इस टूर्नामेंट का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। भारत ने अपने पहले मैच में मेजबान श्रीलंका-ए को 8 रनों से हराकर शानदार शुरुआत की थी। लेकिन इसके बाद टीम इंडिया को अफगानिस्तान-ए के खिलाफ डीएलएस (DLS) नियम के तहत हार का सामना करना पड़ा।
सबसे ज्यादा रोमांच तब देखने को मिला जब लीग चरण के दूसरे मुकाबले में श्रीलंका और भारत की दोबारा भिड़ंत हुई। वह मैच टाई रहा और नतीजा सुपर ओवर में निकला, जहां श्रीलंकाई टीम बाजी मार ले गई। ऐसे में 21 जून को होने वाले फाइनल मुकाबले में कप्तान तिलक वर्मा और उनकी सेना के पास श्रीलंका से उस दर्दनाक हार का बदला चुकता करने और चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा करने का सुनहरा मौका होगा।

