पपीता एक ऐसा फल है जो लगभग पूरे वर्ष बाज़ार में उपलब्ध रहता है, और सर्दियों में इसका सेवन अक्सर बढ़ जाता है। इसे 'सेहत का खजाना' भी कहा जाता है, जिसके कारण अन्य फलों की तुलना में इसका सेवन अधिक किया जाता है।
कई लोगों को यह दुविधा रहती है कि सर्दियों में पपीते का सेवन करना चाहिए या नहीं, खासकर इसकी तासीर को लेकर। आइए जानते हैं कि पपीते की तासीर कैसी होती है और सर्दियों में इसका सेवन क्यों फायदेमंद है।
आयुर्वेद के अनुसार, पपीते की तासीर गर्म (Hot) होती है।
शरीर पर प्रभाव: स्वभाव से गर्म होने के कारण यह शरीर में गर्मी पैदा करता है।
दोषों पर प्रभाव: यह वात (Vata) और कफ (Kapha) दोषों को शांत करने में सहायक होता है।
स्वास्थ्य लाभ: यह पाचन शक्ति को बढ़ाता है और पाचन क्रिया, लिवर तथा आँतों के लिए अच्छा माना जाता है।
हाँ, सर्दियों में पपीते का सेवन करना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है।पपीते को सर्दियों के लिए एक अच्छा फल माना जाता है। इसकी गर्म तासीर ठंड के मौसम में शरीर को अंदर से गरमाहट देने में मदद करती है।
पपीता विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो सर्दियों की कई समस्याओं से लड़ने में मदद करता है

