महेंद्रगढ़। आरपीएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक सोच और नवाचार क्षमता का शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर विद्यालय का मान बढ़ाया।
नौवीं और दसवीं के छात्र हैं दोनों
भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से संचालित प्रतिष्ठित ‘इंस्पायर अवार्ड मानक योजना 2025-26 के तहत स्कूल के तीन मेधावी छात्रों का चयन हुआ है। चयनित छात्रों में कक्षा 10वीं के इशु कौशिक, कक्षा 9वीं के धैर्य धनवाल और कक्षा 9वीं के ध्रुव शामिल हैं।
नवाचार प्रोजेक्ट से हासिल की उपलब्धि
इन विद्यार्थियों ने अपने नवाचार आधारित प्रोजेक्ट्स के माध्यम से यह उपलब्धि हासिल की है। इस अवसर पर आरपीएस ग्रुप की चेयरपर्सन डॉ. पवित्रा राव, सीईओ इंजी. मनीष राव, डिप्टी सीईओ कुनाल राव, प्राचार्य डॉ. किशोर तिवारी व प्रशिक्षक शांतनू ने छात्रों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मिलता है 10 हजार रुपये पुरस्कार
विद्यालय प्राचार्य डॉ. किशोर तिवारी ने बताया कि यह योजना कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों में कम उम्र से ही विज्ञान के प्रति रुचि जगाने और उन्हें रचनात्मक समाधान ढूंढने के लिए प्रोत्साहित करने का एक मंच है, जिसके अंतर्गत चयनित छात्रों को अपना प्रोजेक्ट और मॉडल विकसित करने के लिए 10 हजार रुपये की पुरस्कार राशि भी प्रदान की जाती है।
चयन होना शिक्षा प्रणाली की सफलता
इस मौके पर ग्रुप की चेयरपर्सन डॉ. पवित्रा राव ने कहा कि हमारे विद्यार्थियों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन होना आरपीएस की नवाचार-प्रधान शिक्षा पद्धति की सफलता का प्रमाण है। हमें गर्व है कि हमारे बच्चे देश के भविष्य को वैज्ञानिक दृष्टि से संवार रहे हैं। ग्रुप के सीईओ इंजीनियर मनीष राव ने कहा कि विज्ञान और तकनीक आज के युग की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
ग्रामीण परिवेश में की प्रतिभा साबित
इन छात्रों ने साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण परिवेश के बच्चे भी बड़े से बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा साबित कर सकते हैं। डिप्टी सीईओ कुनाल राव ने कहा कि आरपीएस परिवार के लिए यह एक अत्यंत गर्व का क्षण है। हम छात्रों की जिज्ञासा और उनकी रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करने के लिए हमेशा तत्पर हैं, ताकि वे आगे चलकर देश के विकास में अपना योगदान दे सकें। प्राचार्य डॉ. किशोर तिवारी ने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत और उनके शिक्षकों के सटीक मार्गदर्शन का परिणाम है। स्कूल परिसर में हम हमेशा से ही रटने के बजाय वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने पर जोर देते रहे हैं। विद्यालय की ओर से सभी चयनित छात्रों को सम्मानित किया गया और अन्य विद्यार्थियों को भी उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया गया।
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