Eid Kab Hai: ईद-उल-फितर रमजान के पूरे महीने के रोजों के बाद आने वाला सबसे खास और खुशियों भरा त्योहार है. इस दिन सुबह-सुबह मस्जिदों में ईद की खास नमाज अदा की जाती है. लोग एक-दूसरे से गले मिलकर 'ईद मुबारक' कहते हैं और घरों में सेवइयां, हलवा, बिरयानी और कई खास पकवान बनाए जाते हैं.
यही वजह है कि हर साल लोग बेसब्री से ईद के चांद का इंतजार करते हैं. जैसे-जैसे रमजान के आखिरी रोजे करीब आते हैं, लोगों की नजरें आसमान की ओर टिक जाती हैं और बाजारों में रौनक बढ़ जाती है.
इस साल ईद-उल-फितर की तारीख को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है. सऊदी अरब और खाड़ी देशों में ईद 20 मार्च को मनाई जा सकती है, जबकि भारत में यह संभावना 21 मार्च की है. हालांकि, अंतिम तारीख चांद दिखाई देने के बाद ही तय की जाती है.
चांद दिखने से तय होती है ईद की तारीख
इस्लामिक कैलेंडर पूरी तरह चांद के चक्र पर आधारित होता है. रमजान का महीना खत्म होने के बाद जैसे ही नए महीने शव्वाल का चांद दिखाई देता है, उसी रात को 'चांद रात' कहा जाता है. इसके अगले दिन ही ईद-उल-फितर मनाई जाती है. यही कारण है कि ईद की तारीख हर साल पहले से तय नहीं होती और अलग-अलग देशों में चांद दिखने के आधार पर ही इसकी घोषणा की जाती है.
सऊदी अरब में कब दिख सकता है चांद
खगोलीय गणनाओं के अनुसार 19 मार्च 2026 की शाम को शव्वाल का चांद दिखाई देने की संभावना है. अगर चांद 19 मार्च को दिखाई देता है, तो सऊदी अरब और खाड़ी देशों में 20 मार्च को ईद-उल-फितर मनाई जा सकती है.
अगर चांद नहीं दिखाई देता, तो रमजान के 30 रोजे पूरे होंगे और उसके बाद 21 मार्च को ईद मनाई जाएगी.
भारत में ईद की संभावना
भारत में चांद अक्सर सऊदी अरब की तुलना में एक दिन बाद दिखाई देता है. इसलिए भारत में ईद भी ज्यादातर एक दिन बाद मनाई जाती है. अनुमान है कि अगर सऊदी अरब में 20 मार्च को ईद होगी, तो भारत में 21 मार्च 2026 को ईद-उल-फितर मनाई जा सकती है. हालांकि, भारत में अंतिम घोषणा स्थानीय चांद देखने वाली कमेटियों की पुष्टि के बाद ही होती है. इस तरह हर साल देशभर में ईद का उत्सव चांद देखने के आधार पर तय होता है.
ईद की तैयारियां और खासियत
ईद-उल-फितर के दिन लोग सुबह नमाज के बाद अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलकर मिठाइयां बांटते हैं. बाजारों में खास ईद की रौनक देखने को मिलती है. लोग घरों को सजाते हैं और सेवइयां, मिठाई और बिरयानी बनाते हैं. बच्चों और बुजुर्ग सभी के चेहरे पर खुशी और उत्साह देखने को मिलता है. यही वजह है कि ईद सिर्फ एक धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि परिवार और समाज में भाईचारे और मेलजोल का प्रतीक बन जाती है.

