Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
नीला केला जो दिखता भी अलग, स्वाद भी आइसक्रीम जैसा - जानिए ब्लू जावा केले की खेती का आसान तरीका

नीला केला जो दिखता भी अलग, स्वाद भी आइसक्रीम जैसा - जानिए ब्लू जावा केले की खेती का आसान तरीका

Kisan India 4 months ago

Blue Java banana: जब भी केले की बात होती है, तो हमारे दिमाग में पीले या हरे रंग का केला ही आता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि केला नीले रंग का भी होता है? सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लगता है, लेकिन यह सच है.

इस खास केले को ब्लू जावा केला कहा जाता है. लोग इसे आइसक्रीम केला भी कहते हैं, क्योंकि इसका स्वाद बिल्कुल वनीला आइसक्रीम जैसा होता है. यही वजह है कि यह केला धीरे-धीरे पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनता जा रहा है और अब भारत में भी लोग इसे जानने और अपनाने लगे हैं.

ब्लू जावा केला आखिर है क्या?

ब्लू जावा केला एक खास किस्म का केला है, जिसकी उत्पत्ति दक्षिण-पूर्व एशिया में मानी जाती है. इंडोनेशियाऔर फिलीपींस जैसे देशों में इसकी खेती पहले से होती रही है. इस केले की सबसे अलग पहचान इसका रंग है. कच्चे फल का छिलका हल्का नीला और चांदी जैसा दिखता है, जो इसे बाकी केलों से बिल्कुल अलग बना देता है. पकने के बाद भी इसका रंग पूरी तरह पीला नहीं होता, बल्कि हल्का क्रीमी सा बना रहता है.

स्वाद और बनावट बेहद खास

ब्लू जावा केला सिर्फ दिखने में ही अलग नहीं होता, इसका स्वाद भी बेहद खास होता है. इसे खाते ही मुंह में हल्की वनीला जैसी मिठास महसूस होती है. इसका गूदा बहुत नरम, मलाईदार और रेशेदार होता है. यही कारण है कि इसे आइसक्रीम केला कहा जाता है. कई लोग तो इसे बिना किसी प्रोसेस के ही डेजर्ट की तरह खाते हैं.

सेहत के लिए फायदेमंद

ब्लू जावा केला सेहत के लिहाज से भी किसी खजाने से कम नहीं है. इसमें पोटैशियम भरपूर मात्रा में होता है, जो दिल और मांसपेशियों के लिए फायदेमंद माना जाता है. फाइबर की अच्छी मात्रा होने के कारण यह पाचन को बेहतर करता है और पेट की समस्याओं से राहत देता है. इसमें मौजूद नैचुरल शुगर शरीर को तुरंत ऊर्जा देती है, इसलिए यह बच्चों, खिलाड़ियों और मेहनत करने वाले लोगों के लिए अच्छा विकल्प है.

इसके अलावा, इसमें ऐसे तत्व होते हैं जो तनाव कम करने और मूड को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. यही वजह है कि इसे हेल्दी और खुश रखने वाला फल भी माना जाता है.

ब्लू जावा केले की खेती

अब सवाल आता है कि क्या इसकी खेती करना आसान है? जवाब है - हां, अगर सही तरीका अपनाया जाए. ब्लू जावा केले की रोपाईआमतौर पर जून महीने में की जाती है. इस समय मौसम अनुकूल होता है और पौधे जल्दी बढ़ते हैं. एक एकड़ जमीन में करीब 1200 से 1250 पौधे लगाए जा सकते हैं. पौधों के बीच सही दूरी रखना बहुत जरूरी होता है, ताकि उन्हें पर्याप्त जगह और पोषण मिल सके.

खेत की तैयारी और खाद का महत्व

खेती से पहले खेत की अच्छी तैयारी जरूरी होती है. मिट्टी को भुरभुरा बनाना चाहिए और उसमें 4 से 5 ट्रॉली सड़ी हुई गोबर की खादमिलानी चाहिए. इससे मिट्टी की ताकत बढ़ती है.

रोपाई के समय संतुलित मात्रा में डीएपी और एसएसपी खाद देने से पौधे मजबूत होते हैं और फसल अच्छी मिलती है.

फसल कितने समय में तैयार होती है?

ब्लू जावा केला करीब 10 से 11 महीने में तैयार हो जाता है. शुरुआती समय में नियमित सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण पर ध्यान देना जरूरी होता है. अगर पौधों की ठीक से देखभाल की जाए, तो पैदावार अच्छी और गुणवत्ता भी बेहतरीन होती है.

पकाने की प्रक्रिया भी है अलग

यह केला आम केले की तरह पौधे पर पूरी तरह नहीं पकता. इसे खास एसी चेंबर में नाइट्रोजन गैस की मदद से पकाया जाता है. पकने के बाद इसका छिलका हल्का पीला हो जाता है, लेकिन अंदर का क्रीमी स्वाद बना रहता है.

बाजार में क्यों बढ़ रही है मांग?

ब्लू जावा केला अब होटल, रेस्टोरेंट, जूस सेंटर और हेल्थ फूड मार्केट में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. यह सामान्य केले से महंगा बिकता है, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है. अगर किसान नई और अलग फसल की तलाश में हैं, तो ब्लू जावा केला भविष्य में एक बेहतरीन विकल्प बन सकता है.

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Kisan India