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PM-KUSUM 2.0: खेत में लगेगा सोलर प्लांट, किसान फसल के साथ बिजली से भी पैसा कमाएंगे

PM-KUSUM 2.0: खेत में लगेगा सोलर प्लांट, किसान फसल के साथ बिजली से भी पैसा कमाएंगे

Kisan India 2 weeks ago

PM KUSUM 2.0: केंद्र सरकार किसानों की कमाई बढ़ाने के लिए पीएम-कुसुम योजना का नया रूप पीएम-कुसुम 2.0 लाने की तैयारी कर रही है. इस योजना का मकसद किसानों को सस्ती सिंचाई सुविधा देना और खेती के साथ बिजली से भी कमाई का मौका देना है.

सरकार खासतौर पर फल, सब्जी और बागवानी करने वाले किसानों पर फोकस कर रही है, ताकि उन्हें ज्यादा फायदा मिल सके. माना जा रहा है कि आने वाले कुछ हफ्तों में इस योजना को मंजूरी मिल सकती है.

खेत के ऊपर लगेंगे सोलर पैनल

नई योजना के तहत किसानों के खेतों में ऊंचे ढांचे पर सोलर पैनललगाए जाएंगे. इन पैनलों को इस तरह लगाया जाएगा कि नीचे खेती का काम आसानी से चलता रहे. सरकार का लक्ष्य करीब 10 हजार मेगावाट बिजली बनाने का है. सबसे खास बात ये है कि टमाटर, बैंगन, पपीता, आम और कई दूसरी फसलें हल्की छाया में अच्छी पैदावार देती हैं. ऐसे में किसान खेती भी करेंगे और उसी खेत से बिजली भी बनाएंगे. इससे जमीन का बेहतर इस्तेमाल होगा और किसानों की आमदनी बढ़ेगी. सरकार का मानना है कि आने वाले समय में खेती और सोलर ऊर्जा को साथ जोड़कर गांवों की तस्वीर बदली जा सकती है.

किसानों को होगी दोहरी कमाई

अधिकारियों के मुताबिक एग्री-पीवी मॉडल के तहत सोलर पैनल करीब 2.1 मीटर की ऊंचाई पर लगाए जाएंगे. इससे फसलों को धूप और छाया दोनों मिलेंगी. खेत की पैदावार पर असर नहीं पड़ेगा और बिजली उत्पादन भी जारी रहेगा. इस योजना से किसानों को दोहरी आय का फायदा मिलेगा. किसान अपनी फसल बेचकर कमाई करेंगे और अतिरिक्त बिजली बिजली कंपनियों को बेचकर हर महीने पैसा कमा सकेंगे. बड़ी जमीन वाले किसानों को सालाना लाखों रुपये तक की अतिरिक्त कमाई होने की उम्मीद है. गांवों में कई किसान बिजली की समस्या और महंगे डीजल के कारण परेशान रहते हैं. ऐसे किसानों के लिए यह योजना बड़ी राहत साबित हो सकती है.

डीजल पंप से मिलेगी छुटकारा

पीएम-कुसुम 2.0 का एक बड़ा लक्ष्य खेती में इस्तेमाल होने वाले डीजल पंपों को कम करना है. सरकार चाहती है कि सिंचाई पूरी तरह सौर ऊर्जा से हो. इससे किसानों को सस्ती और कई जगह मुफ्त बिजली मिल सकेगी. डीजल पंप चलाने में किसानों का काफी खर्च होता है. डीजल की कीमत बढ़ने से खेती की लागत भी बढ़ जाती है. लेकिन सोलर पंप लगने के बाद किसानों का खर्च कम होगा और समय पर सिंचाई भी हो सकेगी. इसका फायदा पर्यावरण को भी मिलेगा क्योंकि डीजल का इस्तेमाल कम होने से प्रदूषण घटेगा. वहीं राज्य सरकारों पर बिजली सब्सिडी का बोझ भी कम हो सकता है.

पुरानी योजना से सीखकर बनेगा नया प्लान

सरकार ने साल 2019 में पीएम-कुसुम योजना शुरू की थी, लेकिन इसके कई लक्ष्य पूरे नहीं हो सके. आंकड़ों के मुताबिक 10 हजार मेगावाट लक्ष्य के मुकाबले बहुत कम बिजली उत्पादन हो पाया. वहीं लाखों पंपों को सोलर से जोड़ने का लक्ष्य भी पूरी तरह पूरा नहीं हो सका. हालांकि इस योजना से अब तक 21 लाख से ज्यादा किसानों को फायदा मिला है. लेकिन पैसे की कमी, जागरूकता की कमी और बिजली ग्रिड से जुड़ी समस्याओं के कारण योजना की रफ्तार धीमी रही. अब सरकार पीएम-कुसुम 2.0 में इन कमियों को दूर करने की तैयारी कर रही है. बताया जा रहा है कि नई योजना का बजट करीब 50 हजार करोड़ रुपये हो सकता है. इसमें बैटरी स्टोरेज और फीडर लेवल सोलराइजेशन पर भी खास ध्यान दिया जाएगा, ताकि रात में भी बिजली मिल सके. अगर यह योजना सही तरीके से लागू होती है, तो किसानों के लिए यह कमाई बढ़ाने का बड़ा मौका बन सकती है. खासकर फल, सब्जी और बागवानी करने वाले किसानों को इससे सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है.

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Kisan India