वाराणसी। मोक्ष की नगरी काशी के विश्वप्रसिद्ध अस्सी घाट से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने श्रद्धालुओं की आस्था और प्रशासन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आरोप है कि अस्सी घाट पर होने वाली 'सुबह-ए-बनारस' की आरती के दौरान पर्यटकों और श्रद्धालुओं से पैसों की अवैध वसूली की जा रही है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।
श्रद्धालुओं ने रिकॉर्ड किया 'वसूली' का मंजर
वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरती देखने आए श्रद्धालुओं से कुछ लोग पैसों की मांग कर रहे हैं। वीडियो बनाने वाले पर्यटकों का दावा है कि उन्हें आरती में शामिल होने या बैठने के नाम पर परेशान किया गया और रुपयों का दबाव बनाया गया। यह गंभीर आरोप 'सुबह-ए-बनारस' संस्था से जुड़े लोगों पर लगाए जा रहे हैं, जो लंबे समय से इस आयोजन का प्रबंधन देख रही है।
पुलिस एक्शन में: जांच के घेरे में 'सुबह-ए-बनारस'
सोशल मीडिया पर वीडियो के तूल पकड़ते ही वाराणसी पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर इस पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वीडियो में दिख रहे व्यक्तियों की पहचान की जा रही है और संस्था के पदाधिकारियों से भी इस संबंध में जवाब-तलब किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
आस्था या व्यापार: उठ रहे हैं कई सवाल
अस्सी घाट की गंगा आरती देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र है। ऐसे में 'वसूली' के इन आरोपों ने काशी की छवि पर भी सवालिया निशान लगा दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या धर्म और आध्यात्म के नाम पर अब सरेआम व्यापार शुरू हो गया है? या फिर इस वायरल वीडियो के पीछे की सच्चाई कुछ और है? फिलहाल, पुलिस की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही साफ हो पाएगा कि यह महज एक अफवाह है या आस्था की आड़ में चल रहा कोई बड़ा सिंडिकेट।

