नई दिल्ली: महिला आरक्षण कानून (Nari Shakti Vandan Adhiniyam) को लेकर राजनीतिक घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंचीं राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने केंद्र सरकार पर जमकर प्रहार किया।
उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को विपक्ष, संविधान और लोकतंत्र की सामूहिक जीत करार दिया।
कोर्ट में दर्ज कराया बयान: 2023 के प्रदर्शन का मामला
अलका लांबा शनिवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराने पहुंची थीं। यह मामला साल 2023 में महिला आरक्षण कानून को लेकर किए गए उनके एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। कोर्ट परिसर में मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि वे आज भी अपनी उसी मांग पर अडिग हैं जिसके लिए उन्होंने सड़क पर संघर्ष किया था।
"अमित शाह रख रहे हैं नजर, फिर क्यों नहीं लाए 50% फार्मूला?"
सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए अलका लांबा ने गृह मंत्री अमित शाह और मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा:
"जब सदन में दो दिनों तक इस बिल पर गहन चर्चा चल रही थी, तो सरकार महिलाओं के लिए 50% आरक्षण वाला फॉर्मूला क्यों नहीं लेकर आई? अमित शाह जी खुद पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए थे, फिर भी महिलाओं के साथ आधा-अधूरा न्याय क्यों किया गया?"
परिसीमन की आड़ में 'साजिश' का आरोप
अलका लांबा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन (Delimitation) थोपना चाहती थी, जिसे विपक्ष ने नाकाम कर दिया। उन्होंने कहा कि अब जब सरकार की 'साजिश' बेनकाब हो गई है, तो वे केवल विक्टिम कार्ड खेल रहे हैं और घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। लांबा ने जोर देकर कहा कि 2023 में पास हुए कानून को अब बिना किसी देरी और शर्तों के सभी को मिलकर लागू करना चाहिए।

