Intermittent power supply during summer : मोगा। भीषण गर्मी और उमस के बीच बुधवार रात कई इलाकों में हुई अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। बार-बार बिजली गुल होने से लोग रातभर परेशान रहे, जबकि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ा।
छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों ने बताया कि रात के दौरान कई बार बिजली गुल हुई। कुछ देर बाद सप्लाई बहाल होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन थोड़ी ही देर में दोबारा बिजली बंद हो जाती। बिजली की इस आंख-मिचौनी के कारण लोग पूरी रात चैन से सो नहीं सके। पंखे और कूलर बंद होने से कमरों में गर्मी और उमस बढ़ती रही। कई परिवार गर्मी से राहत पाने के लिए घरों की छतों और बाहर बैठने को मजबूर हुए। लोगों का कहना है कि इन दिनों दिन और रात का तापमान अधिक होने के कारण बिजली की नियमित सप्लाई बेहद जरूरी है। ऐसे में बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली बंद किए जाने से आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। खासकर रात के समय बार-बार बिजली जाने से बच्चों की नींद प्रभावित हुई और बुजुर्गों को भी काफी दिक्कत हुई।
अधिकारियों के फोन न उठाने से बढ़ी नाराजगी बिजली बंद होने के कारण परेशान लोगों ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि कई अधिकारियों ने फोन उठाना भी उचित नहीं समझा। इससे लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी और बढ़ गई। लोगों का कहना है कि यदि किसी तकनीकी खराबी या अन्य कारण से बिजली आपूर्ति बाधित होती है तो विभाग को कम से कम उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी देनी चाहिए। लोगों ने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि रात के समय होने वाली अघोषित कटौती का स्थायी समाधान किया जाए। साथ ही बिजली आपूर्ति बाधित होने पर शिकायतों का तुरंत समाधान करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए। लोगों ने कहा कि गर्मी के मौसम में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।
रक्षाबंधन से एक दिन पहले बाजार राखियों से गुलजार
भीषण गर्मी में रातभर बिजली की आंख-मिचौनी
भाजपा का कर्मचारियों की महा हड़ताल को समर्थन
10 दिन में दूसरी बार ईडी के सामने पेश हुईं आईएएस कंवलप्रीत बराड़
