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शहमात The Big Debate: अब UCC की बारी.. शुरु हुई तैयारी, विपक्ष ने बताया आदिवासियों के साथ छल, क्या प्रदेश की सियासी गर्मी बढ़ाएगा UCC का मुद्दा?

शहमात The Big Debate: अब UCC की बारी.. शुरु हुई तैयारी, विपक्ष ने बताया आदिवासियों के साथ छल, क्या प्रदेश की सियासी गर्मी बढ़ाएगा UCC का मुद्दा?

IBC24 1 week ago

Uniform Civil Code CG: रायपुर: बुधवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट ने प्रदेश में UCC यानि Uniform Civil Code, समान नागरिक संहिता लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने पर मुहर लगा दी है।

इसका प्रारूप बनाने के लिए रिटायर्ड जज रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति बनेगी जिसके सदस्य स्वयं CM साय तय करेंगे।(Uniform Civil Code CG) राज्य में UCC लागू करने पीछे सरकार ने अपनी मंशा भी साफ की- डिप्टी CM अरुण साव ने कहा कि – इससे कानून सरल,एकरूप और न्यायसंगत बनेंगे…साथ ही राज्य में धार्मिक और लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा।

सरकार के फैसले पर क्रिश्चयन सोसायटी ने अभी से सवाल उठा दिया है, वो इसे ईसाई-मुस्लिमों को टार्गेट करने के तौर पर देख रहे हैं, तो वहीं मुस्लिमों का एक वर्ग इसे सीधे-सीधे मुस्लिमों के खिलाफ बताते हुए, गैर संवैधानिक करार दे रहा है।

Uniform Civil Code CG:वहीं, इस मसले पर विपक्ष ने अभी से गोल-मोल जवाब देते हुए। सभी से बात कर, सभी की सहमति से इसे लागू करने की पैरवी की है। (Uniform Civil Code CG) पीसीस चीफ दीपक बैज इसे आदिवासियों के साथ छल बता रहे हैं। सत्ता पक्ष ने विरोध करने वालों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि प्रारूप सामने आने से पहले ही इतनी हाय-तौबा करना समझ से परे है।

वर्तमान में हिंदू-मुस्लिम यानि धर्म के हिसाब से – विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने, भरण-पोषण और पारिवारिक विवाद निपटारे के लिए अलग-अलग पर्सनल लॉज लागू हैं। जबकि संविधान का अनुच्छेद-44 राज्य को नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का नीति निर्देश देता है। सवाल ये है कि बिना प्रारूप आए इसका अभी से विरोध क्यों? जबकि देश के जिन राज्यों में UCC लागू है वहां इससे किसी भी धर्म या जाति के लोगों का कोई बड़ा विरोध या नुकसान सामने नहीं आया है।

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